संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। औद्योगिक कस्बे से सटे गांव जौनियावास के पास हाईवे के सर्विस लेन पर नाले का पानी भरा है जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। जलभराव के चलते सड़क पर गड्ढे बन गए हैं जिससे वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है। हादसे का डर भी बना रहता है।
गांव जौनियावास के पास हाईवे के सर्विस लेन पर जलभराव की समस्या 6 माह से बनी है। आसपास के लोगों ने इसकी शिकायत कई बार जिला प्रशासन से की लेकिन इस समस्या का स्थायी हल नहीं निकाला जा सका।
सर्विस रोड से सटे कॉलोनियों से अवैध रूप से नाला निकालकर हाईवे के नाले से जोड़ दिया गया था जिससे कॉलोनियों का पानी सर्विस लेन पर आता था। शिकायत मिलने के बाद डीसी के आदेश पर नाले को बंद कर दिया गया था। कुछ समय बाद लोगों ने फिर नाले को खोल दिया जिससे जलभराव की समस्या बरकरार है।
जलभराव के चलते सड़क जर्जर हो गई है। सर्विस लेन की गिट्टियां उखड़ गई हैं और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में पानी भरने के कारण वाहन चालकों को गड्ढा होने का पता नहीं चलता है जिससे दुर्घटना होती है।
जौनियावास, मालपुरा, कापड़ीवास क्षेत्रों में कई औद्योगिक इकाइयां मौजूद हैं, जिनमें काम करने के लिए बड़ी संख्या में श्रमिक आते-जाते हैं। मजदूरों को सड़क पर भरे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। अक्सर गड्ढे की चपेट में आकर मजदूर पानी में गिर जाते हैं।
वहीं चारपहिया और दोपहिया वाहन चालकों को हाईवे पर उलटी दिशा में जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ऐसा करने से हादसे का डर बना रहता है।
-
सर्विस लेन पर 6 माह से जलभराव है लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। सड़कों पर बिखरी गिट्टियों के चलते दोपहिया वाहन चालक गिर कर घायल होते हैं। बड़े अधिकारियों को समस्या का समाधान कराना चाहिए। - विनोद कुमार, धारूहेड़ा।
-
सर्विस लेन पर जलभराव के कारण बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। रात के समय वाहन चालक इसमें फंस कर गिर रहे हैं। कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डालकर हाईवे पर उलटी दिशा में वाहनों को ले जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इससे हादसे का डर बना रहता है।-प्रकाश सिंह, धारूहेड़ा
वर्जन
डीसी के आदेश पर नाले को बंद कराया गया था। लोगों ने नाले को दोबारा खोल दिया है। इससे समस्या हो रही है। संबंधित विभाग से संपर्क किया गया है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। जब तक जलभराव का समाधान नहीं होता है, तब तक सड़क भी नहीं बनाई जा सकती है।-प्रकाश तिवारी, एनएचएआई अधिकारी, धारूहेड़ा।