सम्मान मिलने पर खुशी जाहिर करते शोधार्थी डॉ. मुकुट अग्रवाल। स्रोत : प्रवक्ता
रेवाड़ी। हिंदी-पत्रकारिता के विकास में नित्य हलचल की भूमिका विषय पर सिंघानिया विश्वविद्यालय पचेरी बड़ी (राजस्थान) से पीएचडी करने वाले शोधार्थी डॉ. मुकुट अग्रवाल का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। उन्हें विश्व के किसी भी सांध्य हिंदी-दैनिक पर पीएचडी करने वाले प्रथम शोधार्थी के रूप में यह सम्मान मिला है।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स प्रबंधन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शोधार्थी डॉ. मुकुट अग्रवाल को प्रमाण-पत्र, मैडल, प्रतीक-चिह्न और टी-शर्ट देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति और भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार गर्ग ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल डॉ. मुकुट अग्रवाल के लिए बल्कि विश्वविद्यालय के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा नवाचार और शोध को प्रोत्साहित करता रहेगा।
कार्यक्रम में आचार्य एवं सांस्कृतिक संकाय अधिष्ठाता तथा विख्यात साहित्यकार डॉ. रामनिवास मानव ने भी डॉ. मुकुट अग्रवाल को बधाई दी। कार्यक्रम में शोध-निर्देशक डॉ. आरती प्रजापति, उप कुलपति डॉ. पवन त्रिपाठी, कुलसचिव एमआई हाशमी, शोध अधिष्ठाता डॉ. सुमेर सिंह मौजूद रहे।