रेवाड़ी। 16 माह पहले दिव्य नगर योजना के तहत सीसीएमएस (सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम) पैनल लगाने को लेकर बैठक थी, मगर अभी तक योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। ये हालात तब हैं जब इसी वर्ष फरवरी में टेंडर भी जारी किया गया था।
प्रत्येक पैनल पर करीब 30 लाख रुपये की राशि खर्च होनी है। इसमें से 65% राशि प्रदेश सरकार खर्च करेगी, जबकि 35% राशि नगर परिषद अपने खर्चे से वहन करेगी। दरअसल, दिव्या नगर योजना के तहत सरकार शहरों का विकास करती है।
संबंधित निकाय को यह चुनने का अधिकार है कि वह उक्त राशि में क्या काम करना चाहती है। रेवाड़ी नगर परिषद ने सीसीएमएस पैनल लगवाने के काम को चुना है। इसे लेकर नगर परिषद में फाइनेंस कमेटी की बैठक 16 फरवरी 2024 को हुई थी।
यह बैठक मुख्य रूप से राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विकास कार्यों संबंधी डीपीआर तैयार करने के आदेशों की वजह की गई थी। दिव्य नगर योजना को लेकर इसमें विचार विमर्श हुआ था। इसी के तहत सीसीएमएस पैनल पर अंतिम मुहर लगाई थी।
अभी तक पैनल लगाने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है, प्रक्रिया चल ही रही है। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, जल्द ही कार्य भी शुरू हो जाएगा।
स्ट्रीट लाइट को नियंत्रित करना होगा आसान
सीसीएमएस यानी सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम से स्ट्रीट लाइट को लैपटॉप और मोबाइल से कंट्रोल किया जा सकेगा। कर्मचारियों के भरोसे के कारण कहीं लाइट ऑन नहीं की जाती तो कहीं ऑफ नहीं हो पाती हैं। आवश्यकता पड़ने पर सीसीएमएस पैनल को ऑटोमेटिक मोड के अलावा मैन्यूअल मोड पर भी चलाया जा सकता है। इसके तहत कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। एक पैनल पर करीब 40-50 लाइट जुड़ी होगी। फिलहाल शहर में 120 से अधिक पैनल लगाने की तैयारी है। 2 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा।
12 घंटे की टाइमिंग होगी सेट
शहर में लगी स्ट्रीट लाइट्स को ऑटोमेटिक ऑन-ऑफ करने के लिए सीसीएमएस पैनल इंस्टॉलेशन करते समय टाइमिंग भी सेट की जाएगी। इसमें 12 घंटे का समय सेट किया जाएगा। शाम 6 बजे स्ट्रीट लाइट ऑन हो जाएंगी और सुबह 6 बजे बंद हो जाएंगी। विंटर और समर के सीजन में टाइमिंग कम ज्यादा कर एडजस्ट की जाएगी। नगर परिषद के लिए सड़कों पर दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइटें और कई क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें ऑन-ऑफ न होना बड़ी समस्या बनी हुई है।
वर्जन
सीसीएमएस पैनल के लिए सभी जरूरी अनुमति मिल गई थी। पिछले दिनों इसे लेकर टेंडर भी छोड़े गए हैं। जल्द ही इसका कार्य शुरू होगा। -पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।