रेवाड़ी। शहर स्थित पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी में जिला स्तरीय कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान कक्षा 1 से 5 वर्ग में क्ले मोल्डिंग तथा कक्षा 6 से 8 वर्ग में मास्क बनाना, मुराल बनाना एवं खिलौने बनाना की प्रतियोगिता हुई।
जिलास्तरीय कला प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला गणित विशेषज्ञ अशोक कुमार नामवाल व जिला सांस्कृतिक नोडल अधिकारी के द्वारा धर्मवीर सिंह प्राचार्य की अध्यक्षता में किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों के कक्षा 1- 5 के विद्यार्थी एक वर्ग में जिसमें क्ले मॉडलिंग में केवल मिट्टी से कलाकृति बनाना तथा कक्षा 6-8 के विद्यार्थी दूसरे वर्ग में मास्क बनाना, मुराल बनाना, खिलौने बनाना साथ ही कागज, गत्ते, रंग एवं अन्य संसाधन से अपने हुनर द्वारा कलाकृति बनाना के लिए उपस्थित हुए।
जिलास्तरीय कला प्रतियोगिता दोनों वर्गों के प्रथम चरण में विद्यार्थियों द्वारा सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक अपने-अपने हुनर से आयोजक कमेटी द्वारा उपलब्ध करवाए गए। संसाधन जिसमें चिकनी मिट्टी, गत्ते, कागज, चार्ट, रंग एवं अन्य संसाधनों के द्वारा कलाकृतियों का निर्माण किया। जिला सांस्कृतिक नोडल अधिकारी अशोक कुमार नामवाल एवं निर्णायक मंडल द्वारा मॉनिटरिंग की गई। दोपहर भोजन के बाद दूसरे चरण में दोनों वर्गों की विद्यार्थियों द्वारा प्रथम चरण में तैयार की गई कलाकृतियों को प्रदर्शनी के रूप में सजाया। निर्णायक मंडल द्वारा विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों का अवलोकन एवं विद्यार्थियों द्वारा प्रेजेंटेशन लेकर मूल्यांकन किया गया। प्रतियोगिता में आए हुए विद्यार्थी में आपस में एवं विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रतिभागी विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों का अवलोकन किया।
कला प्रतियोगिता में विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी कपिल पूनिया द्वारा विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसमें कक्षा 6-8 वर्ग में अंजलि पुत्री सुधीर कुमार प्रथम, जिया द्वितीय, सत्यम तृतीय व सानिया को सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। कला प्रतियोगिता कक्षा 1 -5 के वर्ग में ओणम प्रथम, साक्षी द्वितीय, माही तृतीय व कार्तिक को सांत्वना पुरस्कार देखकर सम्मानित किया गया।
कला प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कार दिए:
कला प्रतियोगिता के कक्षा 1-8 वर्ग में प्रथम विद्यार्थी को 5000, द्वितीय को 3000, तृतीय को 2500, सांत्वना पुरस्कार में 1100 रुपये दिए गए।
मिट्टी से हुनर दिखाते विद्यार्थी। स्रोत : विभाग