पानी के विवाद को लेकर धरने पर बैठे कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Archive
कोसली। बिजली बोर्ड कार्यालय में पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पानी के कैंपर बंद किए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने एक्सईएन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी बिजली बोर्ड कार्यालय से तहसील तक नारे लगाते हुए पहुंचे और एक्सईएन के कार्यालय में उनके न होने पर वहीं दरी बिछाकर इंतजार करने लगे।
कर्मचारी संघ के प्रधान जयप्रकाश ने बताया कि पिछले करीब 20 दिनों से पानी के बिल पास नहीं किए जाने के कारण कैंपर बंद कर दिए गए हैं। इससे कर्मचारियों के साथ-साथ कार्यालय आने वाले उपभोक्ताओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक्सईएन ने पानी के अधिक बिल का हवाला देते हुए वाटर कूलर लगाने के निर्देश दिए लेकिन कूलर लगने से पहले ही पानी की व्यवस्था बंद कर दी गई। साथ ही वाटर कूलर खरीदने के लिए कहा गया जबकि इसके लिए भुगतान जारी नहीं किया गया है।
पानी बंद करने जैसी कोई बात नहीं : एक्सईएन
एक्सईएन अनीश कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पानी बंद करने जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि गर्मी में कैंपर का पानी पर्याप्त नहीं होता, इसलिए काफी समय से वाटर कूलर लगाने के निर्देश दिए जा रहे थे। कई बार कहने के बावजूद जब कूलर नहीं लगाया गया तो बिल पास न करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को नारेबाजी के बजाय आपसी बातचीत से समाधान निकालना चाहिए था। फिलहाल, अस्थायी तौर पर फिर से पानी के कैंपर की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।