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Rewari News: विपरित हालातों में भी नहीं मानी हार, आज हैं बेहतर खिलाड़ी

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टेकचंद - फोटो : samvad
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रेवाड़ी। बावल शहर निवासी पैरा ओलंपियन एवं एथलेटिक्स कोच टेकचंद ने जेवलिन थ्रो में दमदार प्रदर्शन करते हुए कई बड़ी स्पर्धाओं में पदक प्राप्त किया है। 2021 में पैरा ओलंपिक में भी टेकचंद ने भाग लिया था लेकिन पदक से रह गए थे। टेकचंद ने 2023 में एफ-55 कैटेगरी में खेलते हुए ब्राॅन्ज मेडल जीता है।
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बावल के निवासी टेकचंद 2005 में राजस्थान के भिवाड़ी स्थित एक कंपनी से लौटते समय दुर्घटना के शिकार हो गए थे। हादसे में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद उन्हें सात साल बेड पर रहना पड़ा।
व्हील चेयर पकड़ चुके टेकचंद ने भीम अवॉर्डी कोच सतबीर से भाला फेंकने की सलाह ली और इसको अपना करियर बना लिया। पिता को खो चुके टेकचंद के परिवार में मां के अलावा बिजली बोर्ड में नौकरी कर रहा एक भाई है।
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टेकचंद ने 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन गेम्स में कांस्य पदक और 2019 में दुबई में हुई विश्व चैंपियनशिप में छठी रैंक हासिल कर चुके हैं। 26 मार्च 2021 को बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में जेवलिन डिस्कस और शाॅटपुट में उन्होंने एक-एक स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद से लगातार कई मेडल प्राप्त किए। इन प्रदर्शन के बाद ही टेकचंद को खेल विभाग में पैरा एथलेटिक्स कोच के पद पर नियुक्ति मिली हुई है।



16 वर्षीय सचिन ने तलवारबाजी में विशेष पहचान बनाई
शहर के उत्तम नगर में रहने वाले 16 वर्षीय सचिन ने खेल करियर की यात्रा में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक तलवारबाजी में विशेष पहचान बना ली है। उन्होंने इसी वर्ष मई में बिहार के राजगीर शहर में हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स में सचिन ने फायल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर हरियाणा के साथ जिले और क्षेत्र का नाम रोशन किया था। हालांकि यह पदक सचिन के लिए पहला नहीं है। सचिन ने तलवारबाजी में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। सचिन की पारिवारिक पृष्ठभूमि साधारण है, लेकिन संघर्षों से भरी है।
पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां संभाल रही हैं। घर में मां के साथ दादी और छोटी बहन भी है। सचिन के पिता अनिल का वर्ष 2023 में लीवर की बीमारी के कारण निधन हो गया था। दादी और बहन भी सचिन को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक पाने की प्रतीक्षा:
2 जनवरी 2009 को जन्मे सचिन अपने छोटे खेल करियर में छह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभागिता कर चुके हैं। हालांकि उन्हें अभी पदक का इंतजार है। वह 13 से 16 अगस्त 2022 तक इंग्लैंड के यूनिवर्सिटी आफ इस्ट लंदन में आयोजित जूनियर कामनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप, 16 से 18 दिसंबर 2022 व 13 से 15 दिसंबर 2024 को थाइलैंड के बैंकॉक में आयोजित विश्वकप, 16 से 25 फरवरी 2024 को बहरीन के मनामा में आयोजित एशियन चैंपियनशिप, इसी वर्ष दो से नौ मार्च तक उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित जूनियर एवं कैडेट एशियन चैंपियनशिप में भारत की आरे से प्रतिभागिता कर चुके हैं। वर्ष 2025 में भी वह 19 से 28 फरवरी को कुवैत में आयोजित एशियन कैडेट एवं जूनियर फेंसिंग चैंपियनशिप, सात से 15 अप्रैल को चीन के वुक्शी शहर में आयोजित जूनियर और कैडेट विश्व चैंपियनशिप में प्रतिभागिता कर चुके हैं।

टेकचंद- फोटो : samvad

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