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देश में एक बार फिर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा धारूहेड़ा

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17 दिन के भीतर धारूहेड़ा एक बार फिर देश में सबसे अधिक प्रदूषित शहर बन गया। धारूहेड़ा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार को 442 पहुंच गया। इससे पूर्व 17 अप्रैल को धारूहेड़ा में एक्यूआई 391 पहुंचा था। वायु प्रदूषण का यह स्तर लगातार चिंता बढ़ाने वाला है। स्थिति अगर यही रही तो औद्योगिक क्षेत्र व इसके आसपास सांस लेना मुश्किल हो जाएगा। गुरुग्राम और फरीदाबाद में वायु प्रदूषण का स्तर धारूहेड़ा से कम रहा। गुरुग्राम का एक्यूआई 368 तो फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 322 रहा।
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जहरीली आबोहवा कर रही शर्मसार
धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में 250 के लगभग छोटी बड़ी औद्योगिक इकाईयां हैं लेकिन प्रदूषण के इस स्तर के लिए केवल उद्योगों से निकलने वाला धुआं ही जिम्मेदार नहीं है। धारूहेड़ा में सड़कों की जर्जर हालत प्रदूषण के स्तर को लगातार बढ़ाने में खासी अहम भूमिका निभा रही है। धारूहेड़ा से लगते हुए दिल्ली-जयपुर हाईवे निकल रहा है। कहने को तो यह हाईवे है लेकिन इसकी सड़क कई जगहों पर इतने बुरे हालात में पहुंच चुकी है कि उस पर से वाहन गुजरता है तो धूल ही धूल उड़ती है। यही कारण है कि धारूहेड़ा क्षेत्र में वायुमंडल में धूल कण का स्तर काफी बढ़ा हुआ है। पिछले साल वर्ल्ड रैंकिंग में धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र प्रदूषण के मामले में 30वें नंबर पर था। धारूहेड़ा में बढ़ते प्रदूषण के लिए उड़ती हुई धूल के साथ ही राजस्थान के अलवर जिले का भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र भी जिम्मेदार है।
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