धारूहेड़ा। औद्योगिक नगर धारूहेड़ा में उप खजाना कार्यालय खोलने की मुख्यमंत्री की घोषणा और विभागीय स्वीकृतियों के बावजूद यह आज तक शुरू नहीं हो पाया है। विभाग ने कर्मचारियों की नियुक्ति भी कर दी है लेकिन भवन उपलब्ध न होने से कामकाज अभी भी जिला मुख्यालय रेवाड़ी से संचालित हो रहा है।
धारूहेड़ा जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में कार्यालय की अनुपस्थिति प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है। सरकार की घोषणाएं और विभागीय आदेश केवल फाइलों तक सीमित रह गए हैं। खजाना एवं लेखा विभाग के महानिदेशक ने 23 जनवरी 2025 को कोषाधिकारी रेवाड़ी को निर्देश दिए थे।
इन निर्देशों में हरियाणा महालेखाकार से अनुमोदन लेने और भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से एसबीआई धारूहेड़ा शाखा को सरकारी लेन-देन के लिए अधिकृत करने को कहा गया था। नियमानुसार स्टाफ की तैनाती के निर्देश भी दिए गए थे। विभागीय स्तर पर अधिकांश औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, फिर भी भवन की व्यवस्था नहीं हो सकी।
खजाना विभाग की पदोन्नति सूची के अनुसार सोनू कुमार यादव को सहायक के पद पर धारूहेड़ा उप-खजाना के लिए नियुक्त किया गया है। कार्यालय अस्तित्व में न होने के कारण यह सवाल है कि कर्मचारी कहां से कार्य कर रहे हैं। उप खजाना कार्यालय शुरू न होने से स्थानीय उद्योगपतियों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों पर असर पड़ रहा है।
ट्रेजरी से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को करीब बीस किलोमीटर दूर रेवाड़ी जाना पड़ता है। कार्यालय शुरू होने से स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी और रेवाड़ी ट्रेजरी पर कार्यभार भी कम होगा।