गोबर्धन पूजा पर बृहस्पतिवार को मंदिरों सहित अनेक जगहों पर अन्नकूट प्रसाद का भंडारा लगाया गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद चखा।
इसी के साथ औद्योगिक इकाइयों में भी विश्वकर्मा पूजन पर मशीनों व औजारों की पूजा की गई। गौरतलब है कि दीपावली से अगले दिन गोवर्धन व विश्वकर्मा पूजा की जाती है। इस दिन मंदिरों में मूंगदाल, कढ़ी व बाजरा व अन्य सब्जियों का प्रसाद बनाया जाता है।
जानकारी के अनुसार शहर के बारापत्थर मंदिर, ट्रॉमा सेंटर के समीप हनुमान मंदिर, अनाज मंडी, शक्ति नगर स्थित सैनी धर्मशाला व भलभद्र सराय स्थित अनेक मंदिरों व धर्मशालाओं में गोवर्धन पूजा पर अन्नकूट प्रसाद का भंडारा लगाया गया।
वहीं बारापत्थर मंदिर प्रबंधक कमेटी के सुभाष ने बताया कि इस बार मंदिर में छह सौ किलो दूध की खीर, दस बोरी बाजरा व इतनी ही संख्या में सब्जियों का प्रसाद बनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष यहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु आकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।
क्या है मान्यता
जानकारों के अनुसार दीपावली पर मथुरा में कई दिनों से इंद्रदेवता बरसात कर रहे थे, बरसात इतनी तेज थी कि प्रत्येक जगह पानी-पानी ही नजर आ रहा था। इंद्रदेव मथुरावासियों से इसलिए अप्रसन्न थे, क्योंकि वह श्रीकृष्ण को भगवान मान रहे थे। इस पर ही इंद्रदेव ने वहां के निवासियों को सबक सिखाने के लिए मथुरा का जलमग्न कर दिया।
सभी मथुरावासी जान बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत के समीप आकर एकत्रित हो गए। लेकिन जब पानी वहां तक भी पहुंच गया तो नन्हे बालक श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को सात दिन पर उठाए रखा तथा मथुरावासियों की रक्षा की। तभी से लेकर आज तक पूरे उत्तर भारत में दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है तथा छप्पन भोग का अन्नकूट का प्रसाद बनाया जाता है।
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बाजरा व अन्य सब्जियां की नई फसल आने का भी है कारण
प्रतिवर्ष अन्नकुट का प्रसाद बनाने वाले लोगों का यह भी कहना है कि दीपावली के समय बाजरा, धान, मूंग व अन्य सब्जियों की फसल आती है, इसी के चलते दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पर इन सभी का प्रसाद बनाकर अन्नकुट प्रसाद वितरण किया जाता है।
औद्योगिक इकाइयों व व्यापारियों ने की औजारों व मशीनों की पूजा
दीपावली के दुसरे दिन सभी औद्योगिक इकाईयों में विश्वकर्मा जी की पूजा की जाती है। सभी उद्योगपति व व्यापारी जो निर्माण क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, इस दिन मशीनों की पूजा करते हैं। वहीं इसी के साथ सभी औद्योगिक इकाइयों में पूजा के साथ कार्य की भी छुट्टी रहती है। बृहस्पतिवार के दिन शहर के व्यापारियों ने अपनी प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया।