रेवाड़ी। गोली मारकर कार लूटने के आरोपी देवांशु और शुभम के 5 दिन के रिमांड के दौरान पुलिस ने 5 देशी पिस्टल, 250 कारतूस, 8 मैगजीन व 6 वाकी-टॉकी सैट समेत अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि पिता के एक्सिडेंट का बदला लेने व हिस्ट्रीशीटर का साम्राज्य खत्म करने के लिए देवांशु अपराधी बन गया।
पूछताछ में पीएचडी की तैयारी कर रहे आरोपी देवांशु ने इस बात का खुलासा किया है कि राजस्थान पुलिस में ईमानदार पुलिसकर्मी रहे उसके पिता के प्लांड एक्सिटेंड में हिस्ट्रीशीटर विनोद फैडरिक का हाथ था जिसे सबक सिखाने के लिए उसने अपने साथी शुभम के साथ मिलकर हथियार व अन्य उपकरण एकत्रित किए थे।
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण प्रेसवार्ता में बताया कि पूछताछ के दौरान बात सामने आई है कि देवांशु का पिता सूरजभान वर्ष 1988 में राजस्थान पुलिस में सिपाही के तौर पर भर्ती हुआ था। सूरजभान की पहचान एक ईमानदार पुलिसकर्मी के रूप में थी। उन्होंने सेवा में रहते हुए कई बदमाशों को सलाखों के पीछे करने में बड़ा योगदान दिया था।
विनोद फैडरिक नाम के नशा कारोबारी को सूरजभान ने ही सलाखों के पीछे डालने में मुख्य भूमिका निभाई थी। विनोद की गिरफ्तारी के बाद सूरजभान का वर्ष 1995 प्लांड एक्सिडेंट हो गया था। देवांशु और उसके परिजनों को पूरा संदेह था कि सूरजभान का एक्सीडेंट विनोद फैडरिक ने ही रंजिश के चलते कराया है।
इसके बाद पढ़ाई जारी रखते हुए देवांशु के दिमाग में पिता के एक्सिडेंट का बदला लेने व विनोद फैडरिक का साम्राज्य खत्म करने के लिए हथियार व अन्य आवश्यक उपकरण लोन लेकर जुटाने शुरू कर दिए थे।
यह था मामला
15-16 दिसंबर की रात को बनीपुर चौक के पास टैक्सी चालक संजय को गोली मारकर गाड़ी व कैश लूट की वारदात को अंजाम दिया गया थ। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान राजस्थान के जिला अजमेर के गांव अखर घूघरा घाटी नजदीक भेरू मंदिर गली निवासी देवांशु व यूपी के जिला आजमगढ़ के गांव सुरजीपुर निवासी शुभम वर्मा के रूप में हुई थी। पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए अब भारी मात्रा में अवैध हथियार व अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
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पढ़ाई के दौरान देवांशु की शुभम से हुई थी दोस्ती
पढ़ाई के दौरान देवांशु की आजमगढ़ निवासी शुभम से दोस्ती हो गई थी जिसने उसे मेरठ निवासी बंटी से हथियार दिलवाए थे। शुभम यूजीसी नेट की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने गत 19 दिसंबर को इस मामले में संलिप्त आरोपी यूपी के जिला मेरठ के भगवतपुरा निवासी बंटी सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी बंटी ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। वह हथियारों की खरीद-फरोख्त का धंधा करता है। पुलिस उससे भी हथियार खरीदने के ठिकाने का पता लगा रही है। बंटी को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था और तीन दिन के रिमांड पर था। अभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
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5 देशी पिस्टल व 250 कारतूस बरामद
सीआईए ने रिमांड के दौरान आरोपी देवांशु व शुभम वर्मा की निशानदेही पर 5 देशी पिस्टल, 250 कारतूस, 8 मैगजीन, 22 मैगजीन की स्प्रिंग, एक बैरल की स्प्रिंग, एक बैग, वारदात में प्रयोग किया आईफोन, 6 वाकी-टॉकी सैट, 5 वॉकी-टॉकी चार्जर, 5 अडैप्टर, एक पैकेट दस्ताना, एक दूरबीन, 2 पावर अडैप्टर, 3 कारतूस की खाली डब्बी और एक हथकड़ी बरामद की है। इससे पहले जब आरोपी पकड़े गए थे तब सीआईए ने आरोपियों से दो पिस्टल, 89 कारतूस, 3 मैगजीन, 4 मोबाइल फोन, सिमकार्ड, 1 वेव ब्लॉकर (जैमर) व जीपीएस डिटेक्टर बरामद किए थे।