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आर्म्स लाइसेंस बनवाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी दुष्कर्म पीड़ित की बिगड़ी तबीयत

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जिले में दस दिन से परिवार का आर्म्स लाइसेंस बनवाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी पीड़ित की तबीयत सोमवार को बिगड़ गई। पीड़ित लंबे समय से धक्के खा रही है। सारे मापदंड पूरे करने के बाद भी उनकी फाइल रिजेक्ट हो गई जबकि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
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दरअसल, दुष्कर्म पीड़ित अपने माता-पिता व भाई के साथ 20 मई से जिला सचिवालय स्थित डीसी कार्यालय के सामने धरने पर बैठी है। सुरक्षा के लिए पीड़ित के पिता ने आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। पीड़ित का कहना है कि सभी मापदंड पूरे करने के बाद भी डीसी कार्यालय की ओर से उनकी आर्म्स लाइसेंस की फाइल को रिजेक्ट कर दिया है जबकि उसे व परिवार को धमकियां मिल रही हैं।
एक सप्ताह में लाइसेंस का दिया था आश्वासन
पीड़ित की मानें तो वह लंबे समय से लाइसेंस के लिए चक्कर काट रही है। 15 अप्रैल को एक सप्ताह में लाइसेंस जारी करने का आश्वासन दिया थ। एक माह बीतने के बाद भी जब कुछ नहीं हुआ तो 17 मई को फिर से डीसी से मुलाकात की। डीसी ने दो दिन में लाइसेंस जारी करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद काम नहीं हुआ तो मजबूरी में उन्हें धरने पर बैठना पड़ा। वैसे दुष्कर्म पीड़ित व उसके परिवार को पुलिस ने सुरक्षा दी हुई है।
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मंत्री ने तुरंत डॉक्टरों की टीम बुलाई
धरने पर बैठी पीड़ित की तबीयत बिगड़ गई। जिला सचिवालय में बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल व कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह को पीड़ित की मां ने तबीयत खराब होने की जानकारी दी। सहकारिता मंत्री के निर्देश के बाद डॉक्टर की टीम ने जिला सचिवालय पहुंच कर पीड़ित की स्वास्थ्य जांच की और उपचार शुरू किया। पीड़ित के खून के नमूने भी जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं।
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फोटो: 05
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