संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला नागरिक अस्पताल में प्रचार सामग्री से संबंधित मामले में गड़बड़ी के चलते प्रदेश सरकार ने उप सिविल सर्जन रहे डॉक्टर राजबीर रंगा को निलंबित कर दिया।
अनियमितता मिलने पर मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो ने की थी। इसी मामले कुछ समय पहले उनका स्थानांतरण ्यमुना नगर में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के तौर पर किया गया था।
राजबीर रंगा काफी लंबे समय से जिले में तैनात थे। राजबीर की कांग्रेस नेताओं के साथ नजदीकियां रहीं। 2024 के विधानसभा चुनाव में राजबीर ने बावल सीट से कांग्रेस की टिकट पर दावेदारी की थी। नवंबर 2022 में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए लगाए जाने वाले होर्डिंग और अन्य प्रचार सामग्री में गड़बड़ी की शिकायतें सरकार तक पहुंची थीं। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने भी जांच की थी। उस वक्त जांच के दायरे में राजबीर रंगा भी आ गए थे। यही वजह थी कि उनका तबादला कर दिया गया था। हालांकि, बुधवार को सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है। मामला रेवाड़ी से ही जुड़ा बताया गया है। राजबीर के निलंबन की असली वजह अभी पता नहीं चल पाई है।