रेवाड़ी। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2025-26 के लिए मुफ्त वर्दी स्कीम (एचआर-147) के तहत लंबित विद्यार्थियों का डाटा समय पर अपलोड न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जिन विद्यार्थियों को अब तक वर्दी व छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिल पाई है, उनके डाटा को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर वन स्कूल एप पोर्टल पर अपडेट किया जाए।
पहले यह डाटा 7 नवंबर तक अपलोड किया जाना था लेकिन कई विद्यार्थियों के बैंक का नाम, अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड और परिवार पहचान पत्र जैसे विवरण अपडेट न होने के कारण जानकारी अधूरी रह गई। इसी वजह से तिथि बढ़ानी पड़ी। अब 5 दिसंबर तक अपलोड करने का समय दिया गया है।
जिले के राजकीय स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक लगभग 38 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। एचआर-147 योजना के तहत कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को 800 रुपये और कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को 1 हजार रुपये वार्षिक वर्दी छात्रवृत्ति राशि दी जाती है।
विभाग की ओर से पिछले माह कई विद्यार्थियों के खातों में राशि भेजी गई थी लेकिन अधूरी प्रोफाइल के कारण रकम खातों में जमा नहीं हो सकी। निदेशालय ने कहा है कि जिन विद्यार्थियों की प्रोफाइल अधूरी है, उनकी सफल और असफल सूची पोर्टल पर उपलब्ध है।
स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यक्तिगत रूचि लेकर विद्यार्थियों की परिवार की आय, पीपीपी विवरण और बैंक संबंधी सभी जानकारी को सही तरीके से अपडेट करें ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी लाभ से वंचित न रहे।
निदेशालय ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी लापरवाही के कारण कोई पात्र विद्यार्थी वर्दी राशि या छात्रवृत्ति से वंचित रहता है या वितरण में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और संबंधित प्रभारी पर तय की जाएगी।
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वर्जन
स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिलने वाले वर्दी भत्ते का डाटा वन स्कूल एप पोर्टल पर अपलोड करने का काम मिला है। फिलहाल कार्य तेजी से किया जा रहा है। -दुष्यंत सिंह प्राचार्य पीएमश्री विद्यालय बिठवाना।