रेवाड़ी। जिले में सोमवार को डेंगू के 4 और मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या अब 258 हो गई है। इनमें से 175 मरीज ऐसे हैं, जिन्होंने ओपीडी में इलाज करवाकर राहत पाई और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
अब तक जिले में कुल 4 हजार सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 258 में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं, मच्छरों के लार्वा मिलने पर 3500 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। देखा जाए तो मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और स्वास्थ्य विभाग के लिए यह गंभीर चिंता का विषय बन गया है। स्थिति यह है कि प्रदेशभर में सर्वाधिक डेंगू के मामले रेवाड़ी जिले में ही दर्ज किए जा रहे हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार संक्रमण की रफ्तार ज्यादा तेज है और यदि यही स्थिति बनी रही, तो इस साल डेंगू के मरीजों का आंकड़ा पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। नगर परिषद, स्वास्थ्य विभाग और शहरी स्थानीय निकायों की टीमों द्वारा जगह-जगह फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव का कार्य किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हो रही।
रेवाड़ी शहर में सर्वाधिक 113 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक मिले मरीजों में रेवाड़ी शहर में सर्वाधिक 115, सीएचसी बावल क्षेत्र में 49, खोल क्षेत्र में 45, सीएचसी मीरपुर में 26, गुरावड़ा क्षेत्र में 12, और नाहड़ क्षेत्र में 11 मरीज दर्ज किए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बीमारी फैलने लगी है। डेंगू के साथ-साथ मलेरिया के भी 14 पॉजिटिव केस अब तक सामने आ चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
वर्जन:
स्वास्थ्य विभाग की टीमें डेंगू की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। कूलर, फ्रिज, पानी की टंकी व आसपास जमा पानी में मच्छर के लार्वे की जांच की जा रही है। घरों में लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस भी दिए जा रहे हैं। -डॉ. अमित यादव, डिप्टी सीएमओ।