रेवाड़ी। आंदोलनकारी किसानों ने हिसार में पुलिस द्वारा किसानों पर की लाठीचार्ज व आंसू गैस के गोले छोड़ने की घटना के विरोध में सोमवार को खेड़ा बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही समूह चर्चाओं का दौर भी जारी है। वहीं धरनास्थल पर किसानों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर पिछले 155 दिन से किसान आंदोलन कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 13 दिसंबर को दिल्ली कूच करते समय राजस्थान के किसानों को हरियाणा पुलिस ने खेड़ा बॉर्डर पर ही रोक दिया था। इसके बाद से किसानों ने यहीं धरना शुरू कर दिया था। रविवार को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के विरोध के दौरान हिसार में पुलिस व किसानों में झड़प हो गई थी और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। इसके विरोध में खेड़ा बॉर्डर आंदोलित किसानों ने सोमवार को करीब 11 बजे सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
किसान नेता रामकिशन महलावत, डॉ. संजय, माधव, राजाराम मील व पैमाराम आदि ने कहा कि देेश कोरोना महामारी के कारण जूझ रहा है। सरकार ने लॉकडाउन लागू किया है। सार्वजनिक कार्यक्रमों व विवाह आदि में भीड़ पर पाबंदी है, लेकिन हरियाणा के मुख्यमंत्री खुद लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कोरोना महामारी के बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है। किसान अभी भी दिल्ली के चारों ओर सीमाओं पर अपनी फसलों और नस्लों को बचाने के लिए डटे हुए हैं। किसान-संगठनों और केंद्र सरकार के बीच बीते चार महीने से कोई बातचीत नहीं हुई है। इस अंधी, बहरी व गूंगी सरकार को चेतावनी देते हैं कि वो किसानों पर दमन बंद करते हुए किसानों की मांगों को तुरंत मान लें, वर्ना इसके बहुत ही गंभीर परिणाम भाजपा-आरएसएस और उनकी सरकारों को भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। इस अवसर पर अमराराम, रणजीत राजू, तारा सिंह सिद्धू, बलवीर छिल्लर, बच्चू सिंह शाहपुर, हरफूल सिंह, कुलदीप यादव, मदन सिंह यादव, रूड सिंह महला, रघुवीर सिंह, ज्ञानी राजवीर सिंह, महावीर सिंह सरपंच, अनिल भेरा, जय सिंह जनवास, चौधरी फजलुद्दीन, कुलदीप मोहनपुर, सोनू, बाबा जैमल सिंह, बाबा सुखदेव सिंह, पृथ्वी सिंह, मौलाना दिलशाद, अमजद भाई, फजरु भाई, साजिद भाई, अब्दुल भाई, प्रहलाद मांडोता, पवन दुग्गल, नवीन नागौर, सुरेन्द्र खोखर, काला मंडार, लखवीर सिंह, बेअंत सिंह, गुरजीत सिंह, सुनील बिश्नोई, भूपेंद्र सिंह, जगमाल सिंह, राजबाला यादव व हरगोविंद सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।