संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के धर्म- संस्कृति प्रकोष्ठ ने धार्मिक- सांस्कृतिक संस्थाओं की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद की है। इन संस्थाओं में कार्यरत सेवादारों को प्रतिमाह न्यूनतम 20 हजार रुपये सम्मान भत्ता देने, उनके परिवार को 10 लाख रुपये का नि:शुल्क वार्षिक मेडिकल इंश्योरेंस कवर देने, सभी धार्मिक- सांस्कृतिक संस्थाओं के बिजली व पानी के बिल की मांग सरकार से की है।
इसके अलावा धार्मिक- सांस्कृतिक संस्थाओं को मरम्मत, सुंदरीकरण के लिए 5 लाख रुपये का वार्षिक अनुदान देने की मांग की है।पंचमुखी महादेव मंदिर में पुजारी लक्ष्मण प्रसाद शर्मा ने मंदिरों के पुजारियों और मंदिरों की लड़खड़ाती आर्थिक व्यवस्था का जिक्र करते हुए 5 सूत्री मांगों पर विचार करने का अनुरोध सरकार से किया है। उन्होंने कहा कि 8 से 10 हजार प्रतिमाह की आमदनी से परिवार का गुजर बसर मुश्किल से हो रहा है। इसी कड़ी में मुफ्तीवाड़ा मस्जिद के मौलवी मो. उमर इमाम ने कहा कि उसे 6000 रुपये प्रतिमाह मिलता है, जिससे उनका व परिवार का गुजारा करना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सरकार सभी मौलवियों, इमामों को प्रतिमाह गुजारा लायक उपयुक्त आर्थिक मदद देने की मांग की। सिंह सभा गुरुद्वारा बारा हजारी के ग्रंथी मिलाप सिंह ने कहा कि उनकी व गुरुद्वारों की आर्थिक व्यवस्था पिछले काफी समय से बिल्कुल चरमराई हुई है, जिसको अब सरकार के योगदान से ही संभाला जा सकता है।