रेवाड़ी। सेवा स्तंभ के प्रधान भगत सिंह बौद्ध के नेतृत्व में संगठन के सदस्यों ने ओएससी वर्ग के साथ भर्तियों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और एससी आयोग को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुरेश कुमार को सौंपा।
ज्ञापन में कहा कहा गया है कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जारी विज्ञापन के तहत स्टेनो-टाइपिस्ट सहित कुल 1759 पदों के लिए बीते 9 जनवरी को विज्ञापन जारी किया गया, जिसकी अंतिम तिथि 15 फरवरी है।
अनुसूचित जाति वर्ग के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण नीति के अनुरूप 349 पद आरक्षित होने चाहिए थे, जबकि विज्ञापन में केवल 336 पद दर्शाए गए हैं। यह निर्धारित आरक्षण से 13 पद कम हैं और स्पष्ट रूप से आरक्षण नीति का उल्लंघन एवं भेदभाव को दर्शाता है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि अनुसूचित जाति वर्ग को डीएससी और ओएससी दो उप-वर्गों में विभाजित किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार दोनों वर्गों को समान अनुपात में अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। परंतु विज्ञापन में डीएससी वर्ग को 205 पद और ओएससी वर्ग को केवल 131 पद दिए गए हैं, जिससे 74 पदों का भारी अंतर उत्पन्न हो गया है।
इस असमान वितरण से अनुसूचित जाति समाज में असंतोष की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। ज्ञापन में अनुरोध किया गया कि उक्त विज्ञापन को निरस्त कर, आरक्षण और वर्गीकरण संबंधी सभी अनियमितताओं को दूर करके संशोधित और न्यायसंगत विज्ञापन पुनः जारी किया जाए।
इस दौरान आरपी सिंह दहिया, सूबे सिंह रेवड़ियां, होशियार सिंह अहरोदिया, रामनिवास गोठवाल, सत्यप्रकाश नैचाना, लक्ष्मीबाई लिसाना, राजेश सुलखा, एडवोकेट टेकचंद, सतबीर सिंह, विकास आनंद, सतप्रकाश थिरान मौजूद रहे।