रेवाड़ी। ठंड के मौसम की दस्तक के साथ ही शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की नर्सरियों में मौसमी पौधों की मांग तेजी से बढ़ गई है। लोग अपने घरों, छतों, आंगनों और बगीचों को सजाने के लिए इन दिनों जमकर पौधों की खरीदारी कर रहे हैं। इसका सीधा असर नर्सरी कारोबार पर दिखाई दे रहा है।
नर्सरी संचालकों के अनुसार वर्तमान में प्रतिदिन 70 से 100 मौसमी पौधों की बिक्री हो रही है, जो सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक है। नर्सरी संचालकों का कहना है कि इन दिनों गुलाब, डहेलिया, देशी रोज, गुलदावरी, डनटस, सविया, करानडोला सहित अन्य मौसमी फूलों के पौधों की सबसे ज्यादा मांग है।
इन पौधों की खासियत यह है कि ठंड के मौसम में ये बेहतर तरीके से विकसित होते हैं और लंबे समय तक फूल देते हैं। यही कारण है कि लोग एक से अधिक पौधे एक साथ खरीद रहे हैं।
मांग बढ़ने के साथ-साथ पौधों के दामों में भी लगभग 10 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। नर्सरी संचालकों का कहना है कि पौधों की लागत, खाद, गमले और देखरेख के खर्च में वृद्धि के कारण कीमतों में हल्की बढ़ोतरी करनी पड़ी है। हालांकि इसके बावजूद ग्राहकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। लोग बढ़ी कीमतों के बावजूद पौधे खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं।
कोलकाता, पुणे व आंध्रप्रदेश से मंगवाए पौधे
संचालक विनू का कहना है कि जैसे ही ठंड का मौसम शुरू होता है, वैसे ही फूलों के पौधों की मांग में अचानक उछाल आ जाता है। खासकर सुबह-शाम की ठंड और सुहावने मौसम के चलते लोग बागवानी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अधिकतर पौधे देश के प्रमुख बागवानी केंद्रों से मंगवाए जा रहे हैं। इस बार गुलाब और डहेलिया के पौधे खासतौर पर कोलकाता, पुणे और आंध्रप्रदेश से मंगवाए गए हैं। ठंड के मौसम में ये पौधे अच्छी तरह बढ़ते हैं और लंबे समय तक फूल देते हैं, जिससे ग्राहकों की रुचि और बढ़ जाती है। वहीं कमल ने बताया कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने के साथ ही पौधों की मांग में और तेजी आएगी। खासकर शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों के मौसम में फूलों की सजावट के लिए भी पौधों की बिक्री बढ़ने की संभावना है।
पौधे का नामदाम (रुपये प्रति पौधा)
देशी गुलाब50
अंग्रेदी गुलाब100
डहेलिया80
गुलदावरी100
डनटस40
सविया35
करानडोला-40