रेवाड़ी। लोहड़ी व मकर संक्रांति को लेकर शहर के बाजारों में मूंगफली, रेवड़ी और गजक की दुकानें सज गई हैं। दोनों त्योहारों पर इनकी जबरदस्त मांग होती है। इसको देखते हुए गली-मोहल्लों और विभिन्न चौराहों पर भी इनकी दुकानें सज गई हैं जहां सुबह से देर रात तक खरीदारी का सिलसिला जारी है।
व्यापारियों के अनुसार इस बार पिछले वर्ष की तुलना में बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासतौर पर मूंगफली और रेवड़ी की मांग काफी अधिक है। शहर में मूंगफली के दाम 130 से 140 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच चल रहे हैं, जबकि अच्छी किस्म की मूंगफली इससे भी ऊंचे दामों पर बिक रही है।
गुड़ की रेवड़ी 160 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम और चीनी की रेवड़ी 140 से 170 रुपये प्रति किलोग्राम तक बेची जा रही है। हालांकि, महंगाई के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। लोग परंपराओं के निर्वहन के लिए खुलकर खरीदारी कर रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि लोहड़ी और मकर संक्रांति पर इन वस्तुओं का विशेष महत्व होने के कारण हर वर्ग के लोग अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। उधर मकर संक्रांति पर्व पर विवाहित बहनों के घर शगुन के रूप में मूंगफली और रेवड़ी भेजने की परंपरा भी बिक्री को बढ़ावा दे रही है। इसी कारण इन दिनों बाजारों में त्योहारों की खास चहल-पहल बनी हुई है।
महाराणा प्रताप चौक के समीप मूंगफली की दुकान लगाने वाले यूसुफ ने बताया कि वे हर साल लोहड़ी और मकर संक्रांति के अवसर पर दुकान लगाते हैं। पिछले दो वर्षों से वे रेवाड़ी में ही मूंगफली और गजक की बिक्री कर रहे हैं।
यूसुफ के अनुसार इस बार बिक्री काफी अच्छी चल रही है और जैसे-जैसे पर्व नजदीक आ रहा है, ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। ग्राहकों में भुरभुरी गजक, गजक पट्टी, गजक रोल और गुड़ से बनी गजक की सबसे अधिक मांग है।
बावल रोड के पास दुकान चलाने वाले वशीम ने बताया कि इस बार व्यापारियों को माल महंगा मिल रहा है। अधिकतर गजक और मूंगफली राजस्थान से मंगवाई जाती है, जिसके कारण लागत बढ़ी है। इसके बावजूद त्योहार की मांग के चलते बिक्री पर खास असर नहीं पड़ा है। वशीम ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में लोहड़ी और मकर संक्रांति के चलते व्यापार और अधिक बढ़ेगा।