सीआईए और थाना खोल की पुलिस ने रविवार रात संयुक्त कार्रवाई करते हुए गांव बोहका के खेतों से करीब 40 कुुंतल चूरा पोस्त बरामद किया है। जिसकी कीमत बाजार में करीब 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन आरोपी मौके से फरार हो गए।
इस गिरोह का मुखिया दिल्ली थाना चाणक्यपुरी की क्राइम ब्रांच का जवान बताया जा रहा है। इस मामले में थाना खोल पुलिस ने आठ आरोपियाें के खिलाफ 15 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी।
थाना खोल प्रभारी सुरेंद्र सिंह को रविवार रात सूचना मिली कि कुछ लोग क्षेत्र के गांव बोहका में भारी मात्रा में चूरा पोस्त छुपाए हुए हैं। सूचना के बाद खोल पुलिस ने सीआईए प्रभारी नरेश कुमार को मामले से अवगत कराते हुए एक संयुक्त टीम तैयार की। रात करीब 2:00 बजे गांव बोहका के खेतों में बने अमीर सिंह के ट्यूबवेल के कमरे पर पुलिस ने छापा मारा।
उस समय आरोपी ट्यूबवेल के कमरे में रखे चूरा पोस्त से भरे कट्टों को ट्रैक्टर- ट्राली में लाद रहे थे। पुलिस को नजदीक आते देख आरोपी भाग खड़े हुए, जिनमें से पुलिस ने चार आरोपियाें गांव मंदौला निवासी कृपाल, अरविंद, गांव बोहका निवासी अमीर सिंह व यूपी के बदायूं जिले के बिचौली निवासी दिनेश को काबू कर लिया, जबकि उनके चार साथी अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से भाग निकले। सोमवार को पुलिस ने पांचवें आरोपी मंदौला निवासी संजय को भी गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी सतीश कुमार ने बताया कि पुलिस ने मौके से 99 कट्टों में रखी गई करीब 40 कुंतल चूरा पोस्त बरामद की है। इसके अलावा ट्राली को भी कब्जे में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि एक केंटर में भरकर इस चूरा पोस्त को राजस्थान से यहां लाकर रखा गया था और ट्राली में लादकर रोहतक ले जाने की तैयारी थी। लेकिन पुलिस की रेड ने इनकी सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया है।
डीएसपी ने बताया कि इस गिरोह का मुखिया पकड़ा गया आरोपी मंदौला निवासी कृपाल है। वह दिल्ली के थाना चाणक्यपुरी की क्राइम ब्रांच का जवान है। कृपाल के कब्जे से पुलिस ने सर्विस रिवाल्वर भी बरामद किया है। जबकि यूपी के बदायूं जिले के बिचौली निवासी दिनेश केंटर का चालक है। इसी के केंटर से चूरा पोस्त यहां तक लाया गया था। अभी आरोपियाें ने पूरी तरह से मुंह नहीं खोला है। पुलिस आरोपियाें का मुंह खुलवाने के लिए अदालत से रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।