संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के गांव गढ़ी (बोलनी) में शनिवार रात को तीनों बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खाने वाले दंपती लक्ष्मण और रेखा की भी सोमवार अलसुबह उपचार के दौरान रोहतक पीजीआई में मौत हो गई। तीनों बच्चों की शनिवार रात को ही मौत हो गई थी। तीनों बच्चों का रात करीब 2 बजे गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं दंपती के शव पुलिस ने पीजीआई में बोर्ड की ओर से पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिए हैं।
कसौला थाना पुलिस ने लक्ष्मण के भाई भूप सिंह और उसके दो बेटों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है, लेकिन अभी किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। लक्ष्मण के साले ने आरोप लगाया है कि भूप सिंह लक्ष्मण की पत्नी के साथ दुष्कर्म करने की भी धमकी देता था। वारदात को अंजाम देने से पूर्व दंपती ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था जो पुलिस को फटे हुए टुकड़ों में मिला है। हादसे में लक्ष्मण का पूरा परिवार काल का ग्रास बन गया है।
बता दें कि करीब 38 वर्षीय लक्ष्मण, उसकी 35 वर्षीय पत्नी रेखा, दो बेटियां अमीषा और निशा व बेटे हितेष शनिवार की रात कमरे में आग से बुरी तरह झुलस गए थे। पड़ोसियों ने मकान व कमरे के दरवाजे तोड़ने के बाद पांचों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया था। रोहतक पीजीआई में तीनों बच्चों की मौत हो गई थी जबकि लक्ष्मण और उसकी पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई थी। सोमवार अलसुबह उपचार के दौरान लक्ष्मण और रेखा की भी मौत हो गई। पुलिस ने दंपती के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया है। परिवार के पांच लोगों की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
150 गज के प्लाॅट को लेकर चल रहा विवाद
बताया जा रहा है कि बोलनी रोड पर करीब 150 गज का प्लॉट है, जिस पर लक्ष्मण का उसके भाई के साथ विवाद चल रहा था। यह प्लॉट पुश्तैनी है। प्लॉट को लेकर पंचायत के माध्यम से फैसला भी कराया जा चुका था, लेकिन परिवार में तनाव खत्म नहीं हो रहा था। यह प्लॉट सड़क पर होने के कारण इसकी मार्केट वैल्यू करीब 10 से 15 लाख रुपये बताई गई है।
लक्ष्मण के भाई पर गंभीर आरोप
घटना के बाद पुलिस को दी शिकायत में लक्ष्मण के साले फरीदाबाद के शाहपुरा निवासी सतपाल ने आरोप लगाया कि उसके जीजा और बहन को बोलनी रोड पर प्लॉट के विवाद के चलते लक्ष्मण का बड़ा भाई भूप सिंह और उसके दो बेटे रमण व गोविंद लगातार परेशान करते थे। आरोपियों ने शनिवार को भी दंपती के साथ मारपीट की थी। सतपाल का आरोप है कि उसके जीजा लक्ष्मण को बार-बार जान से मारने और रेखा के साथ दुष्कर्म करने तक की धमकियां दी जाती थीं।
आग लगाने से पहले निगला था जहर
आरंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि लक्ष्मण ने घर में आग लगाने से पहले पत्नी और बच्चों को जहर देने के बाद खुद भी जहर निगल लिया था। इसके बाद उसने पत्नी और बच्चों के साथ अपने पैर भी रस्सी से बांध लिए थे। जहर निगलने के बाद ही कमरे में आग लगाने की बात जांच में सामने आ रही है। लक्ष्मण का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जो फटा हुआ है। विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ही पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।
धमाके के बाद खुली थी पड़ोसियों की नींद
जहरीला पदार्थ खाने के कारण सभी बेसुध हो गए थे। कमरे में गैस सिलिंडर खुले छोड़ देने के कारण रात करीब डेढ़ बजे धमाका हो गया और कमरे का रोशनदान उखड़कर बाहर जा गिरा था। धमाके के बाद पड़ोसियों और लक्ष्मण के भाई व बच्चों ने ही पांचों को कमरे से बाहर निकालकर ट्रामा सेंटर भेजा जहां से उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था।
आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी पुलिस
जिले के गांव गढ़ी (बोलनी) में हादसा हुए 36 घंटे से भी अधिक का समय बीत गया है, लेकिन पुलिस अभी तक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है जबकि मृतका के भाई की शिकायत पर पुलिस ने रविवार को ही केस दर्ज किया था। आखिर इतना बड़ा हादसा होने के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए किस बात का इंताजार कर रही है। रविवार और सोमवार को भी आरोपी गांव में ही बताए गए हैं, लेकिन पुलिस उनकी गिरफ्तारी को लेकर शांत बैठी हुई है।
बड़ा सवाल : हत्या या आत्महत्या
सवाल यह भी है कि कोई व्यक्ति जहरीला पदार्थ खाने के बाद गैस सिलिंडर को खुला छोड़कर कैसे बच्चों और पत्नी के पैर बांधने के बाद स्वयं के भी पैर बांध सकता है। हालांकि पुलिस हर पहलू पर मामले की जांच कर रही है, लेकिन हालात को देखकर पुलिस हत्या के एंगल से भी जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर किया है। इसके अलावा फटा हुआ सुसाइड नोट भी कई तरह के सवाल उठा रहा है। लक्ष्मण की ओर से लिखा गया सुसाइड नोट आखिर फटा कैसे। क्या इसे किसी ने फाड़कर फेंक दिया था।
गांव में पसरा सन्नाटा
परिवार के पांचों सदस्यों की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। गांव के बस स्टैंड पर लोगों की भीड़ जमा रही। दबी जुबान से लोग लक्ष्मण के परिवार के साथ हुए हादसे की ही बात कर रहे थे, लेकिन गांव में मीडिया कर्मियों के पहुंचते ही शांत हो जाते थे। इसके अलावा रात को तीनों बच्चों और सुबह पति-पत्नी की मौत की सूचना मिलने से गांव में मातम पसरा रहा और लोगों के घरों में चूल्हे नहीं जले।
एक चिता पर अंतिम संस्कार, बड़े भाई के बेटे ने दी मुखाग्नि
रविवार को लक्ष्मण और रेखा के शव पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिए। परिजनों ने करीब 50 लोगों की मौजूदगी में शवों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया। लक्ष्मण के सबसे बड़े भाई के बेटे रमन ने मुखाग्नि दी।जैसे ही गांव में दंपती के शव पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। बेहद गमगीन माहौल में गांव के बाहर ही लोगों की भीड़ जमा थी। घटना से पीड़ित सभी ग्रामीणों मेें रोष था। ग्रामीणों का कहना था कि लक्ष्मण ने अपना दर्द किसी से बयां नहीं किया। अगर वह अपना दर्द से बांटता तो शायद आज परिवार जिंदा होता। हादसे ने पूरे गांव को झकझौर कर रख दिया है। एक साथ दोनों पति-पत्नी की चिता जलने से ग्रामीणों का दिल दहल उठा। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की रात उनके गांव के लिए बेहद काली रात रही। जहां बीते दिन तीन बच्चों का अंतिम संस्कार देर रात किया गया वहीं सोमवार रात को पति-पत्नी की चिता को आग दी गई।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस को फटा हुआ सुसाइड नोट बरामद हुआ है।
-राजेश कुमार, एसपी रेवाड़ी