रेवाड़ी। धारूहेड़ा एवं बावल पंचायत समिति के प्रधान व उपप्रधान पद के बुधवार को हुए चुनावों में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह समर्थित सदस्यों का कब्जा रहा। हालांकि 5 जनवरी को स्थगित हुए चुनावों के समय रेवाड़ी विधायक चिरंजीव यादव 12 सदस्यों को साथ लेकर डीसी कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन बुधवार को हुए चुनावों में राव का दांव चल गया। दोनों पदों पर कब्जा जमा लिया। धारूहेड़ा में महेेश्वरी निवासी वार्ड नंबर 3 निवासी दलबीर सिंह को प्रधान एवं बखापुर निवासी वार्ड 19 सोनू देवी को निर्विरोध उपप्रधान चुना गया। वहीं, बावल में पातुहेड़ा निवासी वार्ड नंबर 1 सदस्य छत्रपाल को प्रधान एवं गांव रूध निवासी वार्ड नंबर 21 सदस्य सुषमा को उपप्रधान चुना गया।
उधर, रेवाड़ी के विधायक चिरंजीव यादव बुधवार को मसानी स्थित खंड कार्यालय में पहुंचें तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। विधायक ने प्रोसिडिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेने की बात कही, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद वहां करीब आधा घंटा जबरदस्त बवाल मचा। इस अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाना पड़ा। हालांकि उसके बाद चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।
बीते 5 जनवरी को धारूहेड़ा पंचायत समिति के प्रधान व उप्रपधान के चुनाव के समय रेवाड़ी विधायक के पक्ष में 12 सदस्य थे, लेकिन चुनाव अधिकारी के अवकाश पर चले जाने के कारण चुनावों को रद्द कर दिया गया। इसके बाद विधायक ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए डीसी को शिकायत दी थी। इसके साथ ही सभी 12 सदस्यों की डीसी कार्यालय में परेड भी कराई थी, लेकिन बुधवार को हुए चुनावों में सुबह सभी 22 सदस्य दो अलग-अलग बसों में सवार होकर 11-11 सदस्य मसानी स्थित खंड कार्यालय में पहुंचें थे। ऐसे में आशंका लगाई जा रही थी। मतदान बराबरी पर आ सकता है, लेकिन राव इंद्रजीत गुट की चाल काम कर गई और ईवीएम से हुए मतदान में क्रॉस वोटिंग के दौरान रेवाड़ी विधायक समर्थित प्रत्याशी आकेड़ा निवासी वेदप्रकाश को पटखनी दे दी। प्रधान के चुनावों के दौरान दो ही प्रत्याशियों ने नामांकन किया था, जबकि उपप्रधान पद के लिए भी दो प्रत्याशियों ने नामांकन दर्ज किया था, लेकिन रोहित ने नाम वापस ले लिया। इस प्रकार सोनू देवी को निर्विरोध उपप्रधान घोषित कर दिया गया।
उधर, बावल में गांव पातुहेड़ा निवासी वार्ड नंबर 1 के सदस्य छत्रपाल ने जैतपुर निवासी वार्ड नंबर 9 के सदस्य जयप्रकाश को 9 के मुकाबले 13 मतों से हराया। जबकि उपप्रधान पद के लिए गांव रूध निवासी वार्ड नंबर 21 की सदस्य सुषमा ने गांव बालावास जाट निवासी वार्ड 18 के सदस्य धर्मबीर को हराया। बावल में भी पिछले 5 जनवरी को मतदान को रद्द कर दिया था। यहां भी हारे प्रत्याशी जयप्रकाश के पक्ष में 12 सदस्यों ने अपनी हाजिरी दर्ज कराई थी, लेकिन अधिकारी के छुट्टी पर चले जाने के कारण चुनाव को रद्द कर दिया था। लेकिन नाटकीय अंदाज में बुधवार को बाजी एकदम उलट हो गई। जयप्रकाश के पक्ष में मात्र 9 एवं छत्रपाल के पक्ष में 13 सदस्यों ने मतदान किया। उपप्रधान पद के चुनाव के लिए वार्ड नंबर 21 की सदस्य सुषमा देवी 18 वोट मिले, जबकि वार्ड नंबर 18 के सदस्य धर्मबीर को मात्र तीन वोट मिले। इसके अलावा एक सदस्य ने नोटा को वोट दिया है।
राव के विरोधी पस्त
रेवाड़ी जिले में सात पंचायत समितियां हैं, जिनके प्रधान व उपप्रधान के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। इसमें सभी सात पंचायत समितियों के प्रधान व उपप्रधान पद का ताज केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थकों के ही सिर सजा है। यहां एक बात गौर करने लायक है कि केंद्रीय मंत्री दिल्ली में हैं, जबकि उनके समर्थकों ने ही विरोधियों की बाजी को पलट दिया। हालांकि राव इंद्रजीत सिंह की ओर से समय-समय पर दिशा-निर्देश अवश्य दिए गए हैं।