संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सरकारी विद्यालयों में 24 से 31 जुलाई तक कल्चरल फेस्ट का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत लोक नृत्य, एकल नृत्य, समूह लोक नृत्य और रागनी आदि प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें 5वीं, 8वीं और 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी भाग लेंगे। प्रतियोगिताएं सबसे स्कूल स्तर पर होंगी। बाद राज्य स्तर पर आयोजन किया लाएगा।
कल्चरल फेस्ट में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाले विद्यार्थियों को नकद इनाम दिया जाएगा। पुरस्कार की राशि विद्यार्थियों के बैंक खातों में डाली जाएगी। कक्षा 5वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों को पुरस्कार की राशि का भुगतान जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की राशि का भुगतान जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे। कार्यक्रम के संबंध में निदेशालय से पत्र जारी होने के बाद विद्यालयों में तैयारी शुरू हो गई है।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने पत्र में कहा है कि कल्चरल फेस्ट-2024 में सिर्फ राजकीय व आरोही विद्यालयों की कक्षा पांचवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर इस कार्यक्रम का आयोजन 24 से 31 जुलाई तक किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय स्तर पर वित्तीय सहायता राशि भी जारी की जाएगी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक व राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को चार हजार रुपये प्रति विद्यालय, राजकीय उच्च विद्यालय को तीन हजार व राजकीय माध्यमिक विद्यालय को दो हजार रुपये प्रति विद्यालय राशि दी जाएगी। कार्यक्रम के बाद सभी विद्यार्थियों की पुरस्कार राशि संबंधित विद्यार्थी के बैंक खाते में तुरंत भिजवाई जाएगी।
विद्यार्थियों के बनाए जाएंगे दो समूह
कल्चरल फेस्ट के लिए विद्यार्थियों के दो समूह बनाए जाएंगे। पहले समूह में पांचवीं से आठवीं कक्षा के विद्यार्थी लोक नृत्य, एकल व समूह नृत्य, रागिनी, पर्यावरण पर आधारित स्किट, किसी भी स्टाइल में एकल नृत्य व म्यूजिक प्रतियोगिता में भाग लेंगे। दूसरे समूह में नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी लोक नृत्य, एकल लोक नृत्य और समूह लोक नृत्य, रागिनी व पर्यावरण पर आधारित स्किट प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।
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वर्जन
कल्चरल फेस्ट कराने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रतियोगिता में विजेता विद्यार्थी को इनाम दिया जाएगा। इसको लेकर सभी विद्यालय मुखिया को पत्र के माध्यम से जानकारी दे दी गई है। फेस्ट को लेकर विद्यालय स्तर पर तैयारी कराई जा रही है।-कपिल पूनिया, डीईईओ, शिक्षा विभाग रेवाड़ी।