रेवाड़ी। जिले में उत्तर प्रदेश, बिहार समेत अन्य राज्यों समेत आसपास के जिलों बड़ी संख्या में लोग दीपावली पर घर जा चुके हैं। बचे खुचे लोग रविवार को ट्रेन और रोडवेज बसों से अपने घर जाने के लिए रवाना हुए। इसके चलते ट्रेनों और रोडवेज बसों भी यात्रियों की भीड़ रही। रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने के लिए लोगों को लंबी कतार में लगना पड़ा।
ट्रेनों में भीड़ अधिक होने से पैर रखने तक की भी जगह नहीं मिल रही है। रविवार को रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर आने वाली गाड़ियां यात्रियों से भरी हुई थीं। टिकट लेने के लिए लोगों की लंबी कतार लगी थी। टिकट नहीं मिलने के कारण कई लोगों की ट्रेन छूट गई। जनरल डिब्बों में पैर रखने तक की भी जगह नहीं है।
पिछले एक सप्ताह से रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 10 हजार यात्री जनरल टिकट लेकर सफर करते हैं जबकि सामान्य दिनों में रोजाना चालू टिकट लेकर यात्रा करने वाले लोगों की संख्या 7 से 8 हजार होती है। रविवार को करीब 15 हजार टिकट बिके। इनमें अधिकतर यूपी और बिहार जाने वाले लोग थे।
एक तरफ जहां अधिकतर ट्रेनों में सीट ही उपलब्ध नहीं है, वेटिंग लिस्ट इतनी लंबी है कि टिकट कंफर्म होने की कोई उम्मीद नहीं है। रेवाड़ी से दिल्ली, यूपी, बिहार, पंजाब, राजस्थान, मुंबई, गुजरात, जम्मू, झारखंड, मध्य प्रदेश आदि के लिए ट्रेनें मिलती हैं।
वहीं दूसरे तरफ बसों से यात्रा करने के लिए यात्रियों को जद्दोजहद करनी पड़ी। अधिकतर बसें यात्रियों से खचाखच भरकर चल रही हैं। हालांकि कुछ लोकल मार्ग पर यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण स्पेशल बसें भी चलाई गई हैं। सबसे ज्यादा लोग गुरुग्राम, दिल्ली, नारनौल, महेंद्रगढ़, जयपुर, अलवर रूट के थे। त्योहारी सीजन में करीब 30 हजार के आसपास यात्री रेवाड़ी, कोसली, बावल, धारूहेड़ा से सफर करते हैं।
ट्रेनों में सामान्य डिब्बे बढ़ाने की मांग
धारूहेड़ा से रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने आए विजय ने बताया कि उसे पटना जाना है। ट्रेन में इतनी ज्यादा भीड़ है कि पैर रखने तक की भी जगह नहीं मिलती है। यहां से पहले दिल्ली जाएंगे फिर वहां से पटना के लिए सीधे ट्रेन मिलेगी। बावल से रेवाड़ी स्टेशन पर आए चरण ने बताया कि उसे लखनऊ जाना है लेकिन स्थिति इतनी खराब है कि जनरल डिब्बे में पैर रखने तक की भी जगह नहीं है। ट्रेनों में जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ानी चाहिए।