वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लोग।
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हरियाणा के रेवाड़ी शहर के नागरिक अस्पताल में शाम ढलते ही व्यवस्था संभालने की कमान पियक्कड़ कर्मचारियों के हाथों में आ जाती है। अस्पताल के वार्ड को ही ‘बार रूम’ में बदल कर कर्मचारी जाम छलकाते नजर आते हैं। इनमें वह कर्मचारी शामिल हैं, जिन्हें रात को आपात सेवा में रखा जाता है। गुरुवार को सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हो रहे हैं।
पहले वीडियो में अस्पताल के वार्ड में ना सिर्फ जाम छलखाने की सामग्री दिखाई दे रही है, बल्कि दूसरे वीडियो में कर्मचारी इस काम को अंजाम देते नजर आ रहे हैं। इनमें दो चालक हैं, जिन्हें आपात स्थिति में एंबुलेंस का स्टेयरिंग थामना होता है और दो इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन बताए जा रहे हैं।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार रात के समय अस्पताल परिसर में शराब का इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों की संख्या सिर्फ चार तक सीमित नहीं है। कई अन्य कर्मचारी भी मौका मिलते ही शराब उड़ेलने का काम करते हैं। ऐसे कर्मचारियों से आपात स्थिति में सही सेवाएं उपलब्ध कराने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
अधिकारियों को नहीं है परवाह
ड्यूटी के बाद अधिकारियों को यह जानने की आवश्यकता महसूस नहीं होती कि रात के समय इमरजेंसी सेवाओं में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी किस तरह से अपने काम को अंजाम देने में तत्पर रहते हैं। आपातकालीन सेवाओं के लिए रात की ड्यूटी करने वाले मेडिकल ऑफिसर पर इस ओर कोई ध्यान नहीं देते हैं। जिस कारण रात के समय शराब के नशे में कर्मचारी किसी भी अनहोनी का कारण बन सकते हैं।
अधिकारी का वर्जन
अस्पताल की एक वीडियो वायरल होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद डॉ. राजबीर व डॉ. रजनीश की जांच कमेटी नियुक्त कर दी गई है। यह कमेटी 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपेगी। यदि जांच में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुदर्शन पंवार, सिविल सर्जन, रेवाड़ी