कस्बे के सेक्टर-6 की न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रह रहे एक व्यक्ति के खिलाफ बैंक के साथ फर्जी पहचान पत्र के आधार पर कर्ज लेने का मामला सामने आया है। सेक्टर छह पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार मूल रूप से दिल्ली के दिंदापुर द्वारका का रहने वाला सुरेंद्र कुमार पुत्र नागर मलिक पिछले तीन साल से धारूहेड़ा के सेक्टर-6 की न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रह रहा था। सुरेंद्र ने अपनी निसान गाड़ी के लिए 9 लाख रुपये के ऋण के संबंध में धारूहेड़ा स्थित यूनियन बैंक में आवेदन किया था। ऋण आवेदन की फाइल में सुरेंद्र कुमार ने पहचान संबंधी दस्तावेज औपचारिक तौर पर लगाए थे।
यही नही सुरेंद्र कुमार ने अपनी पत्नी का पहचान पत्र भी बतौर गारंटर लगाया था। जब बैंक ने कथित पहचान संबंधी दस्तावेजों की पूर्ण पड़ताल की तो सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। इससे पूर्व बैंक ने अपने यहां सुरेंद्र कुमार की आवेदन फाइल में संलग्न पहचान दस्तावेजों को प्रथम दृष्टया में सही पाकर सुरेंद्र कुमार को निशान गाड़ी के लिए 9 लाख का लोन स्वीकृत कर दिया। आरोपी ने निशान गाड़ी खरीद ली और उसका पंजीकरण भी करवा लिया।
बैंक को आरोपी के ऋण आवेदन पर उस समय शक हो गया जब उसने ऋण किस्तों की अदायगी नही की। इसके बाद बैंक अधिकारी ऋण वसूली के लिए उसके आवास पर पहुंचे तो वह परिवार सहित वहां से नदारद मिला। यही नही आरोपी का गारंटर संदीप शर्मा के पते पर भी बैंक अधिकारी पहुंचे तो आवास का पता भी फर्जी निकला।
बैंक ने पर्याप्त जांच पड़ताल के बाद उपरोक्त की सभी पहचान के लिए दिए गए सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद बैंक ने अपराध अनुसंधान शाखा के पास मामला प्रेषित कर दिया । अपराध अनुसंधान शाखा ने जांच के बाद उक्त संदर्भ में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सेक्टर 6 की पुलिस चौकी में भेज दिया जहां मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।