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एक महिला की मौत, दस घायल

Sat, 27 Aug 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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पिकअप को हाइवा ट्राला ने मारी टक्कर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ससुर की मौत पर शोकाकुल रिश्तेदारों को सांत्वना देने जा रहे एक परिवार की पिकअप को एक हाइवा डंपर ने पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई जबकि परिवार के करीब दस लोग गंभीर घायल हो गए। खोल थाना क्षेत्र के गांव अहरोद मोड़ पर शुक्रवार सुबह यह हादसा हुआ।
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टक्कर के बाद डंपर छोड़कर भाग रहे चालक को स्थानीय लोगों ने बस स्टैंड पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस के घायलों के बयान पर हाइवा चालक के खिलाफ केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।  जानकारी के अनुसार गांव गोकलगढ़ निवासी निवासी ओमप्रकाश के हुड़िया खुर्द निवासी ससुर का देहावसान हो गया था।

शुक्रवार सुबह वह ससुर की मौत पर परिवार की महिलाओं और पुरुषों को लेकर शोक संतप्त रिश्तेदारों को सांत्वना देने गांव हुड़िया खुर्द जा रहे थे। अभी वे बासदूदा मोड़ तक ही पहुंचे थे कि किन्हीं कारणों से पिकअप रास्ते में रोकना पड़ा। इसी दौरान पीछे से आ रहे हाइवा डंपर ने उनकी पिकअप को जोरदार टक्कर मार दी।
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डंपर की टक्कर से पिकअप सवार बुरी तरह चोटिल हो गए। पिकअप में घायलों की चीख पुकार सुनकर घटनास्थल पर कोहराम मच गया। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने घायलाें को पिकअप से निकाला। इसके बाद घायलों को निजी वाहनों से ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। वहां कौशल (45) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

हादसे में हुए घायल
पिकअप में सवार सविता पत्नी रामऔतार, राजबाला, अनिल, नथिया, कौशल पत्नी  सीताराम, कैलाश पत्नी हरिओम, यशपाल, राजेंद्र, पूर्ण, भीषणा पत्नी पोहप सिंह, संतरा, भरपाई और चालक ईश्वर सहित सभी लोग घायल हो गए। वहीं कैलाश और यशपाल को गंभीर हालत में रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। अन्य की हालत नाजुक लेकिन स्थिर बताई जा रही है।
 
कोट
हाइवा के चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।  - यशवंत सिंह, चौकी प्रभारी, कुंड चौकी

एक्सीडेंट में घायलों का वर्जन
वर्जन-
पिकअप खड़ी हुई थी, जिसमें अधिकतर महिलाएं ही थी। न जाने कब पीछे से एक ट्रॉला आया और पिकअम में टक्कर मार दी। इसके बाद जब आंखे खुली तो मैं अस्पताल में थी। भतीजे की मौत के बाद हुडिया जैतपुर जा रहे थे।
-नथिया, घायल महिला
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हुडिया जैतपुर रिस्तेदार के यहां पर मोकान में जा रहे थे। जिनमें गांव की ही पंद्रह से ज्यादा महिलाएं एवं चार आदमी थे। गाड़ी रोड पर खड़ी होने का पता है,उसके बाद क्या हुआ कुछ नहीं पता। अस्पताल में कौन लेकर आया,उन्हें नहीं पता है।
-राजेंद्र, घायल
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गांव से पिकअप में सवार होकर सुबह हुडिया जैतपुर के लिए निकले थे। यदि सामने से आ रही बस ने कंट्रोल नहीं किया होता तो और बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। हाथ में चोट लगी हुई है, डॉक्टरों ने इजेंक्षन लगाने के बाद थोड़ा आराम है।
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डंफर वाला पीछे से अंधाधुंध भगाए ला रहा था। जब डंफर उनकी ओर आथा दिखा तो हमारी आंखे बंद हो गई। इसके बाद आंखे खुली तो सर पर पट्टी बंधी हुई थी। घर से निकलते वक्त हमें नहीं पता था कि आज उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा।
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-बिमला, घायल
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