रेवाड़ी। बेरोजगार को रोजगार दिलाने के नाम पर एक और ठगी का मामला सामने आया है। इस बार धोखाधड़ी के शिकार हुए नांधा गांव के पीड़ित ने अपने ही गांव के पूर्व सरपंच व उसके बेटों समेत पांच लोगों के खिलाफ आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि असम पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी कर उन्हें शिकार बनाया गया। मामला दो साल पुराना है।
2013 में लिए थे पांच लाख रुपये
खोल पुलिस को दी शिकायत में गांव नांधा निवासी श्याम सुंदर ने बताया कि उसके गांव के पूर्व सरपंच बीरेंद्र, बेटे धर्मेंद्र और जीतेंद्र ने दो साल पहले सिंतबर 2013 को उसे असम पुलिस में सांठगांठ होने की बात कहते हुए नौकरी दिलाने का वादा किया था। नौकरी की एवज में पूर्व सरपंच ने उससे पांच लाख रुपये मांगे थे। 30 सितंबर 2013 को उसने पूर्व सरपंच बीरेंद्र के हाथ में पांच लाख रुपये दे दिए। जिस समय श्याम सुंदर ने पैसे दिए उस दौरान पूर्व सरपंच के साथी हुडिय़ा जैतपुर निवासी आकाश यादव व रोहतक के अकबरपुर निवासी रमेश शर्मा भी मौजूद थे।
पहले टरकाते रहे फिर किया मना
श्याम सुंदर ने बताया कि नौकरी लगने के लिए दिया गया समय बीतने के बाद वह पूर्व सरपंच से मिला तो उन्होंने कुछ दिन का समय और मांगा। इसके बाद भी नौकरी नहीं लगी तो वह अपनी दी हुई रकम मांगने गया। पहले तो पूर्व सरपंच ने आनाकानी की और बाद में रकम लौटाने से साफतौर पर मना कर दिया। जिसके बाद आरोपी ने सोमवार को खोल थाना पुलिस को आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दी है।