शहर में फायरिंग कर दहशत फैलाने, हत्या के प्रयास और गैंगवार के चलते पुलिस के लिये पिछले कुछ महीनों से सिर का दर्द बने सती नगर निवासी कुख्यात महेश सैनी और उसके गुर्गे कुतुबपुर निवासी मनीष सैनी को शुक्रवार को रेवाड़ी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने गैंग के अन्य सदस्यों और वारदातों का पता करने के लिए सरगना महेश और मनीष को रिमांड पर लिया है। बता दें कि महेश सैनी गैंग पिछले कुछ समय से गैंगवार, शहर में फायरिंग की वारदातों के चलते शहर में दहशत का पर्याय और पुलिस के लिये सिर का दर्द बना था।
सरगना महेश लंबे समय से था फरार
संजीव कुमार के डीएसपी क्राइम के तौर पर आने से पहले तक महेश सैनी गैंग सिर्फ वारदातों को अंजाम दे रहा था और पुलिस की कार्रवाई महज मामले दर्ज करने तक सीमित थी। लेकिन डीएसपी क्राइम के तौर पर ज्वाइन करने के बाद पहले महेश सैनी के दो गुर्गे और अब खुद सरगना समेत दो गिरफ्तारी ने पुलिस को एक बार फिर फ्रंट फुट पर ला दिया है।
फरवरी और मार्च में आया था कई वारदातों में नाम
-महेश सैनी का नाम सितंबर 2014 में गांव खोरी बस स्टाप पर एक युवक की हत्या में सामने आया था। फरवरी और मार्च के महीने में महेश सैनी गैंग के सरगना महेश और उसके गुर्गों का नाम कई वारदातों में सामने आया था। इनमें 17 फरवरी को शहर की सब्जी मंडी में फायरिंग कर मार्केट बंद कराने, पुलिसकर्मी को पीटने में भी उसका नाम था। वहीं 24 फरवरी को मोहल्ला कुतुबपुर में बलभद्र सराय निवासी अपने दुश्मन कुख्यात मन्नु सैनी को गोली मारने में भी नामजद था। इसके बाद महेश के गुर्गों ने ही मन्नू के भाई शिवम पर भी फायरिंग की थी। इसके अलावा महेश के खिलाफ चोरी, मारपीट व धमकी देने के मामले भी दर्ज है।