गांव धामलावास की बणी में युवक की बोलेरो से कुचलकर हत्या उसके दोस्त ने ही लूटने के इरादे से की थी। सोमवार शाम को पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर इस बात का खुलासा किया। पुलिस ने आरोपी के पास से मृतक का लूटा मोबाइल फोन और लूटी हुई नकदी में से 16 हजार 470 रुपये भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जिला महेंद्रगढ़ के गांव बाबड़ोली निवासी परमिन्द्र उर्फ विक्की के रूप में हुई है।
रामपुरा थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि बताया कि आरोपी मृतक ओमप्रकाश को पहले से जानता था और उसके संपर्क में था। मृतक ओमप्रकाश मानेसर की पानी सप्लाई कंपनी में काम करता था और कंपनी के पास ही एक दुकान पर काम करता था। बात-बात में आरोपी ने पता किया था कि ओमप्रकाश के खाते में 98 हजार रुपये हैं।
इसके बाद से ही आरोपी मृतक ओमप्रकाश से किसी भी तरह से रुपए हासिल करना चाहता था। पुलिस ने मृतक के पिता हनुमान की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। आरोपी को आज अदालत में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान वारदात में प्रयुक्त की गई गाड़ी तथा हत्या की इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ करेगी।
महिला मित्र ने मिलवाने के बहाने पिलाई बीयर, मिलाई नशीली दवाई
आरोपी ने रकम हासिल करने के लिए प्लान बनाया और 2 फरवरी को अपने गांव के ही एक युवक की बुलेरो गाड़ी किराए पर लेकर रेवाड़ी आ गया। रेवाड़ी पहुंच कर आरोपी ने ओमप्रकाश को फोन किया और अपनी किसी महिला दोस्त से मिलवाने का बहाना बना कर उसे रेवाड़ी बस स्टैंड पर बुलाया था। ओमप्रकाश के रेवाड़ी पहुंचने पर आरोपी ने उसकी मोटरसाइकिल पार्किंग में खड़ा करवाई और बुलेरो गाड़ी में बैठ कर बीयर पीने लगे। मौका पाते ही आरोपी ने मृतक ओमप्रकाश को बीयर में नींद की गोली मिला दी।
बोलेरो चालक को बस स्टैंड पर ही उतारकर की वारदात
बीयर पीने के बाद आरोपी परमिंद्र ने बुलेरो चालक को बस स्टैंड पर ही छोड़ दिया। वहीं ओमप्रकाश को अपनी महिला दोस्त से मिलाने का बहाना बनाकर धामलावास की बणी में ले गया। इस दौरान ओमप्रकाश बेसुध हो गया और वहां उसने गाड़ी से कुचल कर ओमप्रकाश की निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छुपाने के लिए गाड़ी को ओमप्रकाश के चेहरे से भी निकाला। हत्या के बाद आरोपी मृतक की जेब से नकदी व मोबाइल फोन निकाल बस स्टैंड रेवाड़ी आया और अपने गांव के बुलेरो चालक को साथ लेकर गांव चला गया।