सरकार दैनिक मजदूरी 20 रूपये बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
जहां सरकार गरीबों का मुफ्त में उपचार करने का दावा करती है वहीं बीपीएल परिवार से संबंधित मरीज से बेहोशी का डॉक्टर बुलाने के नाम पर ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत कर्मचारी द्वारा चार हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। वहीं सिविल सर्जन ने शिकायत की जांच के बाद कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
मरीज के भाई प्रागपुरा निवासी मुकेश ने बताया कि उसके भाई सुरेंद्र को एक फ्रैक्चर हो गया था। उन्होंने सुरेंद्र को शहर के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया । मुकेश ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने सुरेंद्र का ऑपरेशन करने की बात कही और बेहोशी का डाक्टर बुलाने के लिए चार हजार रुपये की मांग की। मुकेश ने उसे चार हजार रुपये दे दिए और इसकी सूचना सामाजिक संगठनों को दी। रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पाल्हावास ने मामले की शिकायत डॉक्टर एवं सीएमओ से की। उनकी शिकायत पर सिविल सर्जन ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वर्जन- पैसा लेना सरासर गलत है। यदि ऐसा हुआ है तो मामले की जांच करने के बाद ऐसे कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ बीके राजौरा, सीएमओ, रेवाड़ी।