पंचायत चुनाव में लापरवाही बरतना सरकारी महकमे के 68 कर्मियों को भारी पड़ गया। पंचायत समिति रिटर्निंग अधिकारी और एसडीओ की शिकायत पर मॉडल टाउन थाने में रीप्रजेन्शन ऑफ पीपल एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार 10 जनवरी को प्रथम चरण के मतदान से पहले सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट गल्र्स कॉलेज में चुनावी ड्यूटी पर लगे सभी कर्मियों को फाइनल रिहर्सल के लिए बुलाया गया था।
इस रिहर्सल में ड्यूटी पर लगे सभी कर्मियों को आना जरूरी था। बावजूद इसके 68 सरकारी कर्मियों ने लापरवाही भरा रवैया अपनाते हुए रिहर्सल में आना मुनासिब नहीं समझा। मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने फाइनल रिहर्सल में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिया। जिसके बाद प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
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इन अधिकारी के खिलाफ दर्ज हुआ केस
सुखबीर सिंह, राजेश कुमार, जसदेव, ओमप्रकाश, रतनलाल, प्रेमचंद, सुरेंद्र सिंह, राजकुमार, अनिल कुमार, कृष्ण कुमार, अशोक कुमार, योगेंद्र, योगेश कुमार, ज्ञानेंद्र, भूदत्त शर्मा, आरके गुप्ता, विकास कुमार, होशियार सिंह, परवीन कुमार, राजेश कुमार, राज सिंह, रामअवतार, वेदप्रकाश, कपूर सिंह, विनोद कुमार, वीरेंद्र सिंह, पवन कुमार, राजवीर सिंह, दिनेश कुमार, रमेशचंद्र, नरेश कुमार, योगेश कुमार, राजेंद्र सिंह, सुंदरलाल, ओमप्रकाश शर्मा, सुरेश कुमार, सुनील यादव, रविंद्र कुमार, परमवीर, उदय सिंह, अटल नारायण, राजवीर सिंह, एसएन सिंह, सतेंद्र सिंह, जगदीश, देशराज, हरीश, प्रवीन, मनीष कुमार, रणधीर सिंह, संजय कुमार, राजेंद्र सिंह, ओंकार यादव, अतर सिंह, धर्मेंद्र, गजराज, नरेश कुमार, जीतेंद्र कुमार, रविंद्र कुमार, दीपचंद, करण सिंह, दीपक यादव, विक्रम सिंह, अनिल, रतन सिंह।
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9 की लगी थी पीठासीन अधिकारी के तौर पर ड्यूटी
चुनाव से पूर्व रिहर्सल में जो 68 चुनाव कर्मी शामिल नहीं हुए। उनमें से 9 की ड्यूटी पीठासीन अधिकारी के तौर पर लगी थी। पीठासीन अधिकारी जैसी जिमेदाराना ड्यूटी होने के बावजूद इन अधिकारियों का फाइनल रिहर्सल में शामिल न होने पर प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से सत हैं।
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डीपीआरओ पर भी गिर सकती है गाज
पहले चरण में रेवाड़ी और बावल ब्लॉक के हुए चुनाव की फाइनल रिहर्सल के दौरान डीपीआईआरओ सुरेंद्र कुमार भी नहीं मौजूद रहे थे। विश्वस्त आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि ऐसे में डीपीआरओ सुरेंद्र कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
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68 लापरवाह चुनाव कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। चुनाव और रिहर्सल के दौरान काम में लापरवाही बरतने वाला अधिकारी और कर्मचारी चाहे जो भी हो, कार्रवाई की जाएगी। ताकि भविष्य में इस तरह की पुनारवृत्ति न हो।
-डॉ.अमरचंद कौशिक, डीडीपीओ