बावल। उपमंडल के गांव मोहनपुर से लापता नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने से धरना पर बैठे ग्रामीणों ने सोमवार को नगर पालिका कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल को काले झंडे दिखाए। ग्रामीणों के आक्रोशित होने व माहौल बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया। धरना दे रही संघर्ष समिति ने एक दिन पहले ही ऐलान किया था कि मंत्री के कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा। एहतियात के तौर पर सुबह से ही बावल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
उल्लेखनीय है कि 27 जून को गांव मोहनपुर से कक्षा नौवीं की एक छात्रा लापता हो गई थी। नाबालिग की बरामदगी को लेकर बावल चौरासी की पंचायत द्वारा पिछले 139 दिनों से बावल में मंत्री डा. बनवारी लाल के आवास के बाहर धरना दिया जा रहा है। नाबालिग के लापता होने के मामले की जांच जिला पुलिस के अलावा स्टेट क्राइम ब्यूरो द्वारा की जा रही है, लेकिन स्टेट क्राइम ब्यूरो की जांच भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। ब्यूरो की टीम द्वारा मामले में आरोपी एक युवती का नार्को टेस्ट भी कराया है, जिसकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
रविवार को कमेटी ने लिया था कार्यक्रम के विरोध का निर्णय
रविवार को धरना स्थल पर ही समिति के 51 सदस्यों ने एक बैठक कर निर्णय लिया था कि सोमवार को मंत्री डा. बनवारी लाल के बावल में कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा। सोमवार को मंत्री डॉ. बनवारी लाल नगर पालिका के कार्यालय का उद्घाटन करना था। प्रशासन को पहले ही पता चल गया था कि मंत्री के कार्यक्रम में खलल पड़ सकती है। इसके मद्देनजर बावल में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मंत्री जैसे ही बावल में एंट्री करने के लिए बनीपुर चौक पर पहुंचे वहां पहले से बैठे संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंत्री को काले झंडे दिखाने शुरू कर किए। पुलिसकर्मियों ने काले झंडे दिखाने वाले आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कसौला थाना पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।
जब तक बच्ची बरामद नहीं, आंदोलन रहेगा जारी
संघर्ष समिति के सदस्य रामकिशन महलावत ने कहा कि हम पिछले 139 दिन से जनस्वास्थ्य मंत्री के आवास के बाहर धरना दे रहे है, लेकिन मंत्री ने उनके बीच पहुंचने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि हमारी सेना के 45 जवान शहीद हो चुके है। पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। मंत्री को जवानों की शहादत और खुद के विरोध को देखते हुए उद्घाटन जैसे कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए था। इसके अलावा जब तक बच्ची की बरामदगी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। इसके अलावा आज प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी के विरोध में बावल स्थित धरना स्थल पर पंचायत करने का निर्णय लिया है।