फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन बाइक चोर गिरफ्तार----10- 11

विज्ञापन
विज्ञापन
दो नाबालिगों सहित तीन बाइक चोर गिरफ्तार
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
खोल थाना पुलिस ने शनिवार को बाइक चोरी करने के बाद पार्ट्स में बदलकर बेचने वाले गिरोह के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इसमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने बदमाशों से चोरी की छह बाइक भी बरामद की हैं। आरोपी की पहचान गांव धवाना निवासी अनिल के रूप में हुई है।
शनिवार को डीएसपी सुरेश कुमार हुड्डा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मुख्य आरोपी अनिल वर्तमान में गुलाबी बाग रेवाड़ी में रह रहा है। एक माह के दौरान आरोपियों ने खोल थाना क्षेत्र के गांव नांगल मूंदी, जैनाबाद, लुहाना, धवाना, रोलियावास और भटेडा से बाइक चोरी की थी। गिरोह के सरगना अनिल ने सीहा बस स्टॉप पर बाइक मिस्त्री की दुकान खोली हुई है। खोल थाना पुलिस को सूचना मिली कि सीहा बस स्टॉप पर एक बाइक मिस्त्री चोरी की बाइक खरीदता है। पुलिस ने अनिल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की बाइक खरीदना कबूल कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों नाबालिग आरोपियों को भी शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशान देही पर पुलिस ने बुडौली से पांच बाइक बरामद की हैं। अनिल से भी एक बाइक बरामद हुई है। नाबालिगों आरोपियों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जिन्हें हिसार बाल सुधार गृह जबकि अनिल को अदालत ने नारनौल जेल भेज दिया है।
विज्ञापन


ऐशोआराम की चाह ने पहुंचाया जेल
बाइक चोरी की वारदात में शामिल दो नाबालिग दोस्तों ने कभी नहीं सोचा था कि ऐशोआराम की चाह उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेज देगी। हालांकि दोनों पढ़ाई में सामान्य छात्रों की गिनती में आते थे, लेकिन महंगे स्मार्ट फोन और बाइक रखने के शौक को पूरा करने के लिए दोनों ने 25 फरवरी 2018 को पहली बार बाइक चोरी की घटना को अंजाम दिया। बाइक चोरी करने के बाद पुलिस को खबर नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हो गए। इनके शौक को पूरा करने में मुख्य भूमिका निभाई बाइक मिस्त्री अनिल ने। खोल थाना क्षेत्र के एक गांव केेे सामान्य परिवार से संबंध रखने वाले दोनों नाबालिगों ने एक माह के अंतराल में एक के बाद आधा दर्जन बाइक चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश बाइक को चोरी करने के बाद गांव के समीप ही एक कोठरे में छिपाकर रखते थे। एक बाइक बेचने के साथ ही उनकी करतूत उजागर हो गई। वे कानून के शिकंजे में आ गए।
विज्ञापन


गांव के समीप ही बनाया चोरी की बाइकों का गोदाम
सूत्रों की माने तो दोनों नाबलिग चोरों ने बाइकों को रखने के लिए गांव के समीप ही सुनसान जगह पर ठिकाना बनाया हुआ था। कुछ दिन पहले ही उन्होंने चोरी की एक बाइक को धवाना निवासी अनिल को बेचा था। अनिल ने गांव के निकट ही बाइक रिपेरिंग की दुकान खोली हुई है। दोनों नाबालिग चोरों ने बाइक बेचने के साथ ही अनिल को हिदायत थी कि बाइक बेचने की बजाए उसके स्पेयर पार्ट्स बेचे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें