80 लाख लूट का आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान 80 लाख रुपये की डकैती के मामले में क्राइम इंवेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) ने 20 हजार रुपये के ईनामी बदमाश गिरफ्तार किया है। आरोपी उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गांव बसी निवासी विरेंद्र सिंह उर्फ रणधावा है। इस मामले में पुलिस विरेंद्र के दोनों बेटों, उसकी पत्नी और डकैती की वारदात में शामिल रहे नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
सीआईए इंचार्ज एसआई विद्यासागर ने बताया कि वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौरान दिल्ली निवासी एक व्यापारी का कर्मचारी 80 लाख रुपये के पुराने नोट लेकर बस में भीलवाड़ा जा रहा था। कर्मचारी की मिलीभगत से बसी निवासी मनोज और अनुज ने सीआईडी अधिकारी बनकर धारूहेड़ा के निकट बस को रोक लिया। अपने साथियों के साथ 80 लाख रुपये लूट लिए। पुलिस इस वारदात में शामिल छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। शरण देने के आरोप में पुलिस ने अनुज और मनोज की मां को भी गिरफ्तार किया था। कुछ दिन पूर्व दिल्ली की स्पेशल सेल ने मुख्य आरोपित अनुज व मनोज को भी गिरफ्तार कर लिया था। सीआईए की हिरासत में अनुज ने आत्महत्या का प्रयास भी किया था। इस मामले में दोनों आरोपितों के पिता विरेंद्र की भी तलाश थी।
ससुराल में छिपा था आरोपी
पुलिस ने विरेंद्र पर 20 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। सीआईए को सूचना मिली कि विरेंद्र बागपत के गांव खेड़ा इस्लामपुर में अपने साले के घर छुपा हुआ है। पुलिस ने गांव में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि आरोपित ने कृषि कार्ड के जरिए बैंक से लोन लिया हुआ था। लूटी हुई नकदी में से विरेंद्र ने करीब साढ़े सात लाख रुपये का लोन चुकता कर दिया था। पुलिस ने आरोपित को बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।