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पुलिस चौकसी के बीच ठीकरी पहरा दे रहे ग्रामीण को पशु तस्करों ने मारी गोली

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रेवाड़ी खोल। भैंस चुराकर भाग रहे पशु तस्करों ने टोकने पर गांव रोलियावास में शनिवार रात पौन बजे ठीकरी पहरा दे रहे आशीष कुमार को गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अहम बात यह रही कि जिले में पुलिस नाइट डोमिनेशन के तहत सड़कों पर गश्त कर रही थी, फिर भी पशु तस्कर पहरेदार को गोली मारने के बाद आसानी से भाग गए। पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाई। घटना से पुलिस की सतर्कता पर सवाल उठ रहे हैं।
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रामपुरा थाना क्षेत्र के गांव रोलियावास में एक सप्ताह पहले गांव में पशु चोर आने की सूचना मिली थी। इसके बाद ग्राम पंचायत की ओर से गांव में ठीकरी पहरा शुरू किया गया था। शनिवार रात सरपंच पति अजीत कुमार, ओमप्रकाश, रोहताश, दीपू, दीपक और आशीष ठीकरी पहरा दे रहे थे। इसी दौरान रात करीब पौने एक बजे गांव भठेड़ा की ओर से एक सफेद रंग की टाटा 407 गाड़ी गांव में आई। इस गाड़ी से सात-आठ पशु तस्कर उतरे। यही नहीं गाड़ी के अंदर एक भैंस भी थी। संभवत: यह भैंस तस्कर चोरी कर लाए थे। पहरा दे रहे पहरेदारों ने तस्करों को टोका तो सभी वापस गाड़ी में सवार हो गए और गाड़ी को वापस मोड़ने लगे। इस पर पहरेदारों ने उन्हें रोकना चाहा तो गाड़ी में सवार तस्कर ने गोली चला दी। गोली आशीष में लगी, जिससे आशीष कुमार जमीन पर गिर गया। ग्रामीण पहरेदार कुछ समय पाते इससे पहले तस्कर गाड़ी लेकर फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर अन्य ग्रामीण भी एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को भी सूचना दे दी गई, लेेकिन तस्कर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। ग्रामीणों ने घायल आशीष को शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी रेवाड़ी, रामपुरा थाना प्रभारी पुलिस बल सहित मौके पर पहुंच गए।

ठीकरी पहरे का पहला दिन था
आसपास के गांवों में रोजाना हो रही भैंसों की चोरी की घटनाओं को देखते हुए गांव रोलियावास की ग्राम पंचायत ने बैठक कर फैसला लिया कि शनिवार से ही गांव में ठीकरी पहरा शुरू किया जाएगा। जिसमें पांच-पांच व्यक्ति रोजाना गांव में पहरा देंगे।
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अधिकारी उठा रहे थे राहगीरी कार्यक्रम का लुत्फ
शनिवार रात तस्करों ने गांव ठीकरी पहरा दे रहे आशीष के सीने में गोली मार दी गई। ग्रामीणों ने उसे आनन फानन में अस्पताल पहुंचाया, चिकित्सक उसे बचाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन जिले के आला अधिकारी उसका हाल पूछने तक नहीं आए। सभी अधिकारी राहगीरी कार्यक्रम का लुत्फ उठाते रहे। डीएसपी और थाना अधिकारी के अलावा किसी भी अधिकारी ने ठीकरी पहरेदार की खैर खबर लेना मुनासिब नहीं समझा

पुलिसकर्मी को उतार चुके है मौत के घाट
करीब तीन साल पहले पशु तस्करों ने शहर के पायलट चौक के समीप एक पुलिसकर्मी को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस कर्मी तस्करों को रोकने का प्रयास कर रहा था।
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