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लोन दिलाने के नाम पर 6 महिलाओं से ठगे 2 लाख 42 हजार रुपये, मामला दर्ज

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रेवाड़ी। लोन दिलाने के नाम एक व्यक्ति ने छह महिलाओं से करीब पौने तीन लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी के खिलाफ खोल पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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पुलिस के अनुसार बोहका निवासी कमलेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि समुंद्र नामक एक व्यक्ति उसके पास आया। उसने कहा कि वह लोन दिला देगा। यह लोग महिलाओं को समूह में कार्य करने के लिए मिलता है। समुंद्र ने स्वयं को नारनौल स्थित फ्यूल माइक्रो कंपनी का कर्मचारी बताया। कमलेश ने अपने साथ 6 अन्य महिलाओं को भी जोड़ लिया। यह कार्य पिछले चार साल चल रहा था। उस व्यक्ति ने बताया कि उसके हेड ऑफिस से एक व्यक्ति 25 मई को आएगा। एक महिला को 1 लाख 90 हजार रुपये का लोन स्वीकृत करेगा। आरोपी ने महिलाओं से कहा कि लोन स्वीकृत होन से पहले फाइल जार्च के रूप में 11 हजार 300 रुपये जमा कराने होंगे। सभी 6 महिलाओं ने 11300-11300 रुपये उस व्यक्ति को दे दिए। पहले भी उन के रुपये जमा थे। जब 25 मई को हेड ऑफिस से कोई व्यक्ति उनके पास नहीं आया तो महिलाएं नौरनाल स्थित फ्यूल माइक्रो कम्पनी के कार्यालय पहुंची। कम्पनी के कर्मचारियों ने बताया कि समुंद्र नाम का व्यक्ति इनकी कम्पनी में काम नहीं करता है। महिलाओं को उनके साथ हुई ठगी का पता चल गया। कमलेश खोल थाना पुलिस पहुंची तो समुंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दी। खोल थाना प्रभारी भारत भूषण ने बताया कि महिला की शिकायत अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

गांव पहुंचकर बना रहे ठगी का शिकार
ग्रामीण अंचल में कई कंपनियों के लोग घर-घर जाकर महिलाओं से मिलते हैं। लोन देकर हर सप्ताह किस्त ले जा रहे है। महिलाएं लोन देने वाले व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं जानती है। एजेेंट हर सप्ताह में जब किस्त लेने आता है। काफी लोग फ्राड कर महिलाओं के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। थोड़े से लालच में महिलाएं धोखाधड़ी का शिकार हो जाती है।
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पहले भी आ चुके धोखाधड़ी के मामले
जिले के में पिछले करीब एक साल के दौरान लोन देने के नाम पर महिलाओं से ठगी के करीब चार मामले सामने आ चुके है, जिसमें पुलिस द्वारा कई लोगों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है। ऐसे लोगों के गिरोह जिले में लंबे समय से सक्रिय हैं।
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