बीयर पिलाकर दोस्त की बोलेरो से कुचलकर हत्या करने वाले को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
लूट के इरादे से दोस्त को बीयर पिलाकर हत्या करने वाले को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 53 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसको अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गुरुग्राम के गांव लांबी निवासी ओमप्रकाश मानेसर में स्थित एक पानी सप्लाई करने वाली कंपनी में कार्य करता था। उसके साथ महेंद्रगढ़ के गांव बापड़ौली निवासी परमिंद्र उर्फ विक्की भी काम करता था। 2 फरवरी 2017 को परमिंद्र ओमप्रकाश को रेवाड़ी में अपनी गर्ल फ्रेंड से मिलाने के बहाने लेकर आया था। उसने रेवाड़ी पहुंचने के बाद ओमप्रकाश की बाइक को बस स्टैंड की पार्किंग में खड़ा करा दिया। इसके बाद खुद की बोलरो में ओमप्रकाश के साथ वह नारनौल रोड स्थित धामलावास गांव की बणी में पहुंचा। यहां पर परमिंद्र ने ओमप्रकाश को अपनी गर्ल फ्रेंड से मिलाने का झांसा दिया और ठेके से बीयर लेकर आ गया। इसके बाद दोनों ने बीयर पीना प्रारंभ कर दिया। इसी दौरान उसने ओमप्रकाश की बीयर में नींद की गोली मिला दी। नींद की गोली मिलाने के कारण एक बीयर पीते ही ओमप्रकाश बेसुध हो गया। इसके बाद परमिंद्र ने उसकी जेब से करीब 16 हजार रुपये, मोबाइल सहित अन्य सामान निकाला और उसकी बोलेरो से कुचलकर हत्या कर दी। इसके बाद 3 फरवरी 2017 की सुबह के समय बणी में शव पड़ा देखकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना रामपुरा पुलिस को दी। रामपुरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब शव को कब्जे में लिया और उसके पास से मिले दस्तावेजों के अनुसार मृतक की पहचान ओमप्रकाश के रूप में हुई। जांच में मृतक की बाइक, नकदी व मोबाइल भी गायब मिला। इसके बाद पुलिस ने उसके पिता की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। चार के दिन बाद पुलिस ने मोबाइल की मदद से इस मामले में परमिंद्र को गिरफ्तार कर लिया। दोस्त परमिंद्र को बीयर मे नींद की गोलियां मिला कर बेहोश करके उसकी गाड़ी से कुचल कर हत्या करना स्वीकार कर किया था।
खाते से पैसे निकलने के लिए रचा था प्लान
पुलिस जांच में पता चला कि दोनों साथ नौकरी करने की वजह से गहरे दोस्त थे। इसकी वजह से परमिंद्र को पता था कि ओमप्रकाश के खाते में काफी पैसा है। इसी उद्देश्य से उसने यह पैसा हासिल करने के लिए उसकी हत्या कर दी लेकिन यह पैसा निकालने की कोशिश करता उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस द्वारा अदालत में रखे साक्ष्यों व गवाहों के अदालत ने परमिंद्र को हत्या का दोषी करार दिया। इसके बाद अदालत ने उसको आईपीसी की धारा 302 में आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर दस माह की अतिरिक्त कैद, आईपीसी की धारा 379बी मे दस वर्ष कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना नही भरने पर दस माह की अतिरिक्त कैद और आईसीपी की धारा 201 मे तीन वर्ष की कैद और तीन हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं भरने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा सुनाई है। पीड़ित पक्ष की तरफ से सरकारी अधिवक्ता मीनाक्षी ने अदालत में मामले की पैरवी की थी।