अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। गुरुग्राम में न्यायाधीश की पत्नी और उनके बेटे की गोली मारकर हत्या के आरोपी महिपाल की इस करतूत से उसके ससुराल पक्ष के लोग भी सन्न हैं। ससुराल पक्ष के लोगों का कहना है कि उन्हें विश्वास भी नहीं हो रहा है कि उनका दामाद कभी ऐसा कदम उठा सकता है क्योंकि उन्हें बेटी के माध्यम से उसकी किसी भी हरकत के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। उनकी बेटी भी खुश थी और धर्म परिवर्तन की बातें भी अब मीडिया के जरिये ही सामने आ रही हैं।
सोमवार को अमर उजाला से बातचीत में आरोपी गनर महिपाल के ससुराल पक्ष ने हैरानी जताई कि जिन बातों की जानकारी हमें नहीं है वह जानकारी मीडिया से मिल रही हैं। धर्म परिवर्तन की बात उन्हें भी नहीं पता और न ही उनकी बेटी ने कभी इसके बारे में बताया। इसलिए धर्म परिवर्तन की बात पूरी तरह से गलत हैं।
उल्लेखनीय है कि कोसली में जन्मे महिपाल का विवाह 12 दिसंबर 2009 को जिले के गांव रोजका निवासी मीनू के साथ संपन्न हुआ था। विवाह से पूर्व ही महिपाल हरियाणा पुलिस में भर्ती हो गया था। अधिकांश ड्यूटी गुरुग्राम में होने के कारण कुछ समय बाद वह अपनी पत्नी को लेकर वहीं रहने लगा। ससुरालजनों ने बताया कि मीडिया द्वारा धर्म परिवर्तन एवं लड़ाई झगड़ा करने की खबरों से वे आहत हैं। सच्चाई तो यह है कि महिपाल शांत स्वभाव का व्यक्ति है। उसके द्वारा ऐसी घटना को अंजाम देना बेहद हैरान करने वाली बात है। हालांकि उन्होंने बताया कि घटना से एक दिन पहले उनकी बेटी अवश्य आ गई थी लेकिन जैसे ही घटना की जानकारी मिली तो वह गुरुग्राम चली गई। उल्लेखनीय है कि पुलिस के जवान आरोपी महिपाल गुरुग्राम में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की सुरक्षा में तैनात था। 13 अक्तूूबर को उसने जज की पत्नी व बेटे को बाजार में सरेआम गोली मार दी, जिसमें दोनों की मौत हो गई।