फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑक्सीजन पर निजी अस्पताल संचालक व स्वास्थ्य विभाग आमने-सामने

विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। ऑक्सीजन की किल्लत के समाधान की बजाय स्वास्थ्य विभाग व निजी अस्पताल संचालक आमने-सामने हैं। जिले में बढ़ते ऑक्सीजन संकट से निपटने के लिए 19 अप्रैल को बुलाई गई बैठक में मानेसर की एक कंपनी से ऑक्सीजन सप्लाई मंगवाने पर सहमति बनाई गई थी। आईएमए के माध्यम से सभी निजी चिकित्सकों को कंपनी के नंबर भी जारी कर दिए गए थे।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग ने अगले ही दिन 20 अप्रैल को कोविड हेल्थ सेंटर विराट अस्पताल को पत्र भेेजकर कहा कि खेद का विषय है कि ऑक्सीजन नहीं मंगवाई गई है। वहीं अस्पताल संचालक का कहना है कि कंपनी की ओर से दो दिन तक फोन नहीं उठाया गया, एक दिन उठाया आक्सीजन तैयार नहीं होने का हवाला दिया गया। ऐसे में सवाल है कि स्वास्थ्य विभाग समाधान करने का प्रयास कर रहा है या फिर आरोप-प्रत्यारोप चलते रहेंगे। क्योंकि मरीजों के लिए इस दौर में सबसे जरूरी आक्सीजन है।
भिवाड़ी की कंपनी के हाथ खड़े करने से बिगड़े हालात
ऑक्सीजन की मारामारी से पहले रेवाड़ी में आक्सीजन भिवाड़ी की आइनोक्सि कंपनी से सप्लाई होती थी। भिवाड़ी से तरल आक्सीजन लाकर बावल में सिलिंडर में भरकर अस्पतालों में सप्लाई की जाती थी। करीब 15 दिन पहले तक रेवाड़ी में 70-80 सिलेंडर की मांग रहती थी, लेकिन अब यह बढ़कर 400 तक पहुंच गई है। आइनोक्सि की ओर से अब राजस्थान, दिल्ली व मध्यप्रदेश को आक्सीजन सप्लाई की जा रही है, इसके चलते हरियाणा को तरल आक्सीजन देना बंद कर दिया गया है। इसके चलते ही रेवाड़ी में समस्या बढ़ी है।
विज्ञापन

पंजाब के एक कंटेनर से मिली राहत
भिवाड़ी से पाबंदी के चलते पंजाब से एक कंटेनर तरल गैस का मंगवाया गया है। इसके चलते रेवाड़ी में अगले दो दिन सप्लाई पूरी की जा सकती है। लेकिन अगले दो दिन बाद व्यवस्था कहां से होगी इसका जवाब कागजों में तो है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। यदि मानेसर से सप्लाई शुुरू हो तो राहत मिल सकती है।
--
हिसार की कंपनी से चल रही है बात
जिले में ऑक्सीजन सप्लाई करने के लिए हिसार की एक कंपनी से वीरवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो अगले कुछ दिनों में हिसार से ऑक्सीजन मिलनी शुरू हो सकती है। जो कि जिला के लोगों के लिए राहत की बात हो सकती है।
------
प्रशासन की ओर से मानेसर की जिस कंपनी का नंबर मुहैया कराया गया था, वह दो दिन तक नहीं उठाया गया। उठाने के बाद भी माल उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऑक्सीजन नहीं मंगवाने का जवाब मांगा जा रहा है। मरीजों का उपचार करें या इस तरह के सवालों का जवाब दे यह गंभीर है। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को आगे आकर मदद करनी चाहिए, ताकि लोगों को बचाया जा सके।
- विराटवीर यादव, विराट कोविड हेल्थ सेंटर
----
आक्सीजन की किल्लत दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से मानेसर की कंपनी की ओर से आक्सीजन उपलब्ध कराई जानी थी। इसको लेकर ही जवाब मांगा गया था। सभी साथ मिलकर लोगों के बेहतर उपचार देने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन

- डॉ. विजय प्रकाश, कोविड नोडल अधिकारी रेवाड़ी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें