रेवाड़ी/ खोल। देशभर में कोविड-19 जांच के लिए चीनी रेपिड टेस्ट किट की फेल होने के बाद शनिवार को जिले के कुंड (कंटेनमेंट व बफर जोन) में मानेसर में बनी रेपिड टेस्ट किट से रैंडम जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान खोल सीचएची और बासदुधा पीएचसी के डॉक्टर से लेकर सब्जी-फल वेंडर और समाचार पत्र वितरक के सैंपल लिए गए। किट से 15 मिनट के अंदर रिपोर्ट भी आ गई, राहत की बात ये है कि एक भी सैंपल पॉजिटिव नहीं पाया गया है।
कुंड-मनेठी से सटे अलवर जिले के गांव महतावास में 12 अप्रैल को एक व्यक्ति कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया था। 7 अप्रैल को व्यक्ति कुंड में आकर एक डॉक्टर के यहां से दवाई भी लेकर गया था, इसको देखते हुुए ही प्रशासन ने महतावास को हॉट-स्पॉट मानते हुए कुंड-मनेठी के आसपास के 6 गांव और तीन किमी. क्षेत्र में पड़ने वाले करीब 6 गांव को बफर जोन में शामिल किया गया था। इस दौरान संदिग्ध लोगों को कोविड-19 टेस्ट भी कराए गए थे, इसमें सभी निगेटिव पाए गए थे। लेकिन बड़े स्तर पर जांच की मांग की जा रही थी।
कोविड-19 की पहचान में रैपिड टेस्ट किट बेहद महत्वपूर्ण
कोविड-19 टेस्ट की जांच कराने के बाद सैंपल रिपोर्ट आने में दो दिन का समय लग जाता है, आर्थिक रूप से भी ज्यादा खर्च आता है। ऐसे में इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस(आईएलआई) मरीजों की रैपिड टेस्ट किट से 15 मिनट के अंदर कोरोना है या नहीं इसका पता किया जा सकता है। यदि किट में रिपोर्ट निगेटिव आती है तो यह कंफर्म हो जाता है कि कोरोना नहीं हे। यदि किट में रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो अगला टेस्ट आरटी पीसीआर कराया जाता है। इसमें कोविड है या नहीं इसका निर्धारण हो जाता है।
कराई जाएगी मास टेस्टिंग
अभिषेक रावबासदुधा पीएचसी के एसएमओ व कंटेनमेंट जोन के इंचार्ज डॉ. अभिषेक राव ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में मास टेस्टिंग की जाएगी। इसकी शुरूआत शनिवार से कर दी गई है। यहां पर लगातार ट्रेसिंग और टेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शनिवार को डॉक्टर से लेकर वेंडर के सैंपल की जांच की गई है। सभी 30 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। यह खून की जांच करने जैसा ही है, ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है।
जिले में आ चुकी है रैपिट टेस्ट किट
नोडल अधिकारी कोविड-19 नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश ने बताया कि जिले में मानेसर में बनी रैपिड टेस्ट किट आ चुकी है। शनिवार को सैंपलिंग भी शुरू कर दी गई है। मंडी आदि स्थानों पर इस किट के माध्यम से कोरोना का पता करने में बड़ी मदद मिल सकती है, क्योंकि इसकी रिपोर्ट 15 मिनट के अंदर आ जाती है।