शहर के विकास के लिए सीएम से मिली ग्रांट में राशि आवंटन को लेकर तीन पार्षदों ने भेदभाव का आरोप लगाया है। पार्षदों का आरोप है कि उन्हें भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर प्रताड़ित किया जा रहा है।
वहीं नप ईओ का कहना है कि उन्होंने आवंटन में कोई भेदभाव नहीं किया है, राशि सभी वार्डों में विकास की जरूरत को देखते हुए जारी की गई है।
सीएम ने रेवाड़ी के विकास के लिए पांच करोड़ की ग्रांट जारी की थी। इसमें से शहरी विकास के लिए 2 करोड़ रुपये दिए गए हैं। शहर में तीन पार्षदों ने आरोप लगाए हैं कि पिछले दो सालों में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर उनके वार्ड को विकास राशि से वंचित रखा गया है।
उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि अच्छी पैठ रखने वाले कुछ पार्षदों को मिली ग्रांट में से 60 लाख रुपये विकास के लिए दिए हैं।
3.25 करोड़ खर्च करने को बनी वर्क लिस्ट
नगर परिषद के 31 वार्डों में होने वाले विकास कार्यों की वर्क लिस्ट तैयार है। विभिन्न वार्डों में विकास के लिए लगभग 3.15 करोड़ रुपये की रकम रखी गई है।
इसमें से 2 करोड़ रुपये की राशि भाजपा सरकार बनने के बाद सीएम की ओर से दी गई थी, इसे नगर परिषद के अकाउंट में भी भिजवा दिया था।
‘मनमर्जी से हुआ राशि का आवंटन’
भाजपा समर्थित वार्ड-3 की पार्षद विनीता पीपल का कहना है कि विकास के लिए सभी पार्षद प्रॉसीडिंग रजिस्टर में अपने क्षेत्र की समस्या लिखते हैं।
इन पर काम होने के बाद ही अतिरिक्त काम किए जाने होते हैं। लेकिन यहां नियमों को दरकिनार करते हुए मनमर्जी से विकास के लिए आई रकम को बांट दिया गया। उनके वार्ड में 25 लाख तक के विकास कार्य होने हैं और उन्हें एक चव्वनी तक जारी नहीं की गई है।
‘आवाज उठाने का खामियाजा’
भाजपा से ही जुड़ीं वार्ड-11 की पार्षद अल्का मेहंदीरत्ता ने कहा कि नगर परिषद प्रधान शकुंतला भांडोरिया और अधिकारियों की मिलीभगत से हुए भ्रष्टाचार का उन्होंने विरोध किया। इस कारण ही उन्हें प्रताड़ित करने के लिए यह भेदभाव पूर्ण आवंटन हुआ है। यह वर्क ऑर्डर कैंसल करते हुए सभी को विकास के लिए समान राशि मिलनी चाहिए।
‘ईमानदारी की सजा भुगत रहे’
भाजपा से जुड़ीं पार्षद प्रमिला भार्गव ने कहा कि वर्क ऑर्डर में वार्ड के विकास के लिए एक रुपया खर्च नहीं होने की बात सामने आई है। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने पिछली नगर परिषद की शहरी सरकार में भी मलाई खाई है और इस बार भी खा रहे। ईमानदारी से पार्टी और जनता की सेवा में लगे होने के बावजूद राशि आवंटन में अनदेखी की गई है।
ऐसा है वर्क ऑर्डर
वार्ड पार्षद अनुमानित राशि
1. कोई नहीं शून्य
2. विनय यादव 24
3. विनीता पीपल शून्य
4. ओमप्रकाश सैनी 15
5. सुमेर सिंह 9
6. गीता देवी शून्य
7. प्रेमलता सैनी 34
8. पूनम सतीजा 1.5
9. मनीष चराया 1.75
10. पवन बठला सवा 8
11. अल्का मेहंदीरत्ता शून्य
12. गुरुदयाल नंबरदार 59.75
13. चंदन यादव 7.75
14. अशोक राव 2.70
15. बबिता सैनी 1.30
16. संजय कुमार 14.20
17. सुचित्रा चांदना शून्य
18. भारत भारद्वाज 14.30
19. गीता अरोड़ा 12.10
20. विजय राव 30
21. पूनम 12
22. रवि यादव 2.75
23. रामअवतार 25
24. पुष्पा देवी 14
25. डा. सत्यनारायण 11
26. इतेंद्रपाल 5.25
27. इंदु मुरली 13
28. गायत्री कर्दम 1
29. शकुंतला भांडोरिया 13.45
30. अमृतकलां टिकानिया 5
31. प्रमिला भार्गव शून्य
(नोट: भाजपा समर्थित तीनों पार्षदों ने जैसा बताया)
कोट्स
ऐसा कोई वार्ड नहीं है जिसके विकास के लिए परिषद ने रकम न दी हो। वार्ड नंबर तीन के लिए दी गई रकम में 10 लाख रुपये से सामुदायिक केंद्र और 1 लाख रुपये में लाइट लगवाई जाएंगी। वहीं, वार्ड-6 के लिए 6 लाख और वार्ड नंबर 11 में भी 6 लाख रुपये वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और हाईमास्ट लाइट के लिए रखे गए हैं। वार्ड 8 के लिए भी पर्याप्त राशि दी गई है। वहीं वार्ड-31 के लिए 5 लाख रुपये पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए सैंक्शन किए गए हैं। - डा. विजयपाल यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद