रेवाड़ी। कोविड-19 संदिग्ध गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के नागरिक अस्पताल में अलग से आईसीयू वार्ड तैयार किया है। शुक्रवार को पहले दिन करीब 9 माह की कोरोना संदिग्ध महिला का सैंपल लेकर जांच के लिए पीजीआई भेजा गया। बता दें कि सीजेरियन डिलिवरी के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एहतियातन कोविड-19 सैंपल लेने का निर्णय लिया गया है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की ओर नागरिक अस्पताल में 50 बेड, कोसली-30 व बावल में कोविड-19 के 20 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए गए थे। शुक्रवार को 133 सैंपल रिपोर्ट के इंतजार के चलते तीन सरकारी आइसोलेशन वार्ड फुल हो गए। ऐसे में करीब 13 संदिग्ध को एक निजी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करना पड़ा। वीरवार लिसाना स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के लेक्चरर एवं हाल में आकेड़ा में बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात सहित कुल 133 सैंपल की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। शुक्रवार को अब तक के सबसे ज्यादा 91 सैंपल लिए गए। बता दें कि जिले में अभी तक कुल 615 संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 482 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव पाई जा चुकी है।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट के संपर्क में आए पुलिस कर्मियों के लिए गए सैंपल
लिसाना पॉलिटेक्निक कॉलेज के लेक्चरर व हाल में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित आकेड़ा नाके पर तैनात ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रोहतक निवासी पिता की रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाने के बाद लेक्चरर सहित पत्नि व बच्चे को सैंपल लेकर आइसोलेट कर दिया गया था। इसके अलावा अब नाके पर तैनात पुलिसकर्मियों के भी सैंपल लेने के बाद उन्हें आइसोलेट कर दिया गया है। बता दें कि कुुल 9 पुलिसकर्मियों के कोविड-19 सैंपल लिए गए हैं। बता दें कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट 10 अप्रैल को अपने पिता से रोहतक मिलने गए थे। ऐसे में एक सवाल और खड़ा होता है कि लॉकडाउन के बाजवूद वह रेवाड़ी से हेडक्वार्टर छोड़कर रोहतक कैसे गए। कोविड-19 नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश का कहना है कि नाके सहित जो भी लेक्चरर के कांटेक्ट में लोग आए हैं, एहतियात के तौर पर सभी के सैंपल लिए जा रहे हैं।
जिले में नहीं कोई पॉजिटिव केस, लॉकडाउन का करें पालन : डीसी
जिलाधीश यशेन्द्र सिंह ने कहा कि अभी तक रेवाड़ी में कोई भी कोरोना (कोविड-19) पॉजिटिव केस नहीं है। जिलाधीश ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सामाजिक दूरी ही कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से बचाव का एकमात्र तरीका है, इसे बनाए रखें। इसके अतिरिक्त सभी के लिए घर से बाहर निकलने पर व गाड़ी में भी सफर करते हुए मास्क पहनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना की रोकथाम व फैलाव को रोकने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं। किसी भी नागरिक को घबराने की जरूरत नहीं है। लॉकडाउन के दौरान अपने घर में सुरक्षित रहें। जिलाधीश ने कहा कि सरकार ने आवश्यक वस्तुओं के लिए दुकान व बैंकिंग प्रतिष्ठानों को सोशल डिस्टेंसिंग की अपने ग्राहकों से अनुपालन करवाना होगा।