रेवाड़ी। शहर के सार्वजनिक शौचालयों की दुर्दशा और सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर नगर परिषद ने बड़ा कदम उठाया है। शौचालयों की बदहाल दशा पर संबंधित ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया है।
साथ ही नगर परिषद ने तुरंत प्रभाव से ठेका रद्द कर दिया है। नए सिरे से 36 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है ताकि नागरिकों को स्वच्छ शौचालय की सुविधा मिल सके। शहर में कुल 22 सार्वजनिक शौचालय और 11 यूरिनल बनाए गए हैं। इनका रख-रखाव और साफ-सफाई का काम एक ठेकेदार को सौंपा गया था।
लंबे समय से इन शौचालयों की स्थिति बेहद खराब पाई जा रही थी। जगह-जगह गंदगी, दुर्गंध और पानी की किल्लत जैसी समस्याओं को लेकर नागरिक लगातार शिकायत कर रहे थे। हाल ही में डीएमसी ब्रह्मप्रकाश ने निरीक्षण किया था तो साफ-सफाई की स्थिति बेहद बदहाल मिली।
कई शौचालयों में टंकियां टूटी हुई पाई गईं तो किसी में नल और फ्लश काम नहीं कर रहे थे। सीटों की स्थिति भी जर्जर मिली। कुछ स्थानों पर तो शौचालयों का उपयोग करना नागरिकों के लिए लगभग असंभव हो गया था। इस पर डीएमसी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की है।
नगर परिषद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब नए ठेकेदार के चयन के दौरान सख्त शर्तें लागू की जाएंगी। सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित निरीक्षण किया जाएगा।
रखरखाव के नाम पर हर साल लाखों रुपये होते हैं खर्च
शहर में स्थित शौचालयों की दशा सुधारने और रखरखाव के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। गोकल गेट, सती कॉलोनी, बारा हजारी, नाईवाली चौक और रेलवे रोड स्थित शौचालयों में गंदगी का आलम है। गोकल गेट पर बने शौचालय में सफाई का अभाव है। बारा हजारी में बनाए गए शौचालय की हालत बेहद दयनीय है। शहर में पांच स्थानों पर मोबाइल टॉयलेट रखे गए थे जो अब पूरी तरह से खराब हो चुके हैं।
शौचालय को लेकर प्रियंका यादव ने की थी पहल
स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड अंबेसडर प्रियंका यादव ने 6 साल पहले प्रधानमंत्री को ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने शहर में शौचालय नहीं होने का दर्द बयां किया तो प्रदेश सरकार से लेकर अधिकारियों की नींद टूटी थी और शहर में शौचालयों का निर्माण कराया गया था। समय बीतने के साथ देखरेख के अभाव में अब शौचालय बदहाल हो रहे हैं।
शौचालयों की दशा में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ
नगर परिषद की ओर से दिसंबर 2024 में 44 लाख 62 हजार रुपये की लागत से 22 शौचालयों और 7 यूरिनल स्पॉट की मरम्मत करवाने के लिए टेंडर जारी किया गया था। कार्य हुआ भी लेकिन खानापूर्ति ही की गई। शौचालयों की दशा में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। शहर के लोगों ने जल्द बदहाल शौचालयों की दशा सुधारने की मांग की है।
शहर में बनेंगे आधुनिक शौचालय
शहर में 30.66 लाख रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त दो एस्पिरेशनल शौचालय का निर्माण कराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए राव तुलाराम पार्क और सिविल अस्पताल के पास स्थान चयनित किया गया है। वहीं बावल में भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक एस्पिरेशनल शौचालय का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है। इस पर 14.32 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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शौचालय में साफ सफाई नहीं होने की शिकायत मिल रही थी। निरीक्षण भी किया गया था। फिलहाल संबंधित ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया है। -ब्रह्मप्रकाश, डीएमसी रेवाड़ी।
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शौचालयों की देखदेख के लिए नया टेंडर जारी कर दिया गया है और जल्द ही जिम्मेदारी नए ठेकेदार को सौंप दी जाएगी। आने वाले दिनों में सभी 22 शौचालय और 11 यूरिनल की स्थिति सुधारी जाएगी ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। -सुधीर कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद