कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष के बाहर पहुंची पुलिस की टीम। स्रोत : प्रवक्ता
रेवाड़ी। बावल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन रविवार को अलर्ट रहा। मुख्यमंत्री के विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष सुभाष छावड़ी, शहरी जिलाध्यक्ष प्रवीन चौधरी और एनएसयूआई नेता रवि मसीत को नजरबंद कर दिया।
गुरुग्राम में हुई घटना को देखते हुए एहतियातन यह कार्रवाई की गई। विजयनगर स्थित कांग्रेस कार्यालय से बाहर निकलते ही पुलिस ने सुभाष छावड़ी को सुबह 11 बजे डिटेन कर लिया। उनको दोपहर तक पुलिस की निगरानी में रखा गया।
कांग्रेस कार्यालय के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुभाष छावड़ी अपने कार्यालय में गुरुग्राम ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन यादव और शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डाबर के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर प्रेसवार्ता कर रहे थे। प्रेसवार्ता समाप्त होने के बाद जैसे ही वह कार्यालय से बाहर निकलने लगे, पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया।
सुभाष छावड़ी ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बल का इस्तेमाल कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस तरह की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे। छावड़ी ने कहा कि सरकार की ओर से चाहे कितनी भी कार्रवाई की जाए, कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे।