मुख्यमंत्री का पुतला फूंकते कांग्रेसी कार्यकर्ता। संवाद
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किसानों को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का प्रतीकात्मक पुतला जलाकर विरोध जताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री को उनके पद से बर्खास्त करने तथा उचित कानूनी कार्यवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार अपने तानाशाही रवैये के चलते लगातार जनविरोधी निर्णय ले रही है। यह सरकार विपक्षी दलों, किसानों, मजदूरों और आम जनता की आवाज दबाने के लिए हर प्रकार के हथकंडे अपना रही है। मुख्यमंत्री द्वारा कुछ लोगों द्वारा हिंसा के लिए भड़काने वाला बयान अत्यंत ही निंदनीय और शर्मनाक है। एक मुख्यमंत्री द्वारा ऐसे बयान की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। मुख्यमंत्री के ऐसे बयानों से प्रदेश में हिंसा बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने ऐसा फरमान जारी करके मुख्यमंत्री के पद की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। इससे लोगों में भय का माहौल हैं तथा किसी भी समय संगीन अपराध घटित हो सकता है। उन्होंने राज्यपाल मुख्यमंत्री के खिलाफ उचित कार्यवाई करने की मांग की हैं।
इस अवसर पर जिला कॉडिनेटर नरेश शर्मा, पार्षद प्रवीण चौधरी, पार्षद सुरेश शर्मा, पार्षद नरेश हजारीवास, पार्षद मोनू राव, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष अमृतकला टिकाणिया, डॉ. रामफल, यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अजीत तोंगड, देवकी नंदन, शेर सिंह वर्मा, नरेंद्र पाचोरी, आरडी शर्मा, डॉ. विपिन शर्मा, रामगिरी, अरविंद दिसोदिया, गगन गुप्ता, सैन सैनी, ललित अग्रवाल आदि मौजूद रहे।