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हालचाल जानने कोरोना के आइसोलेशन वार्ड पहुंचे विधायक चिरंजीव

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कैप्शन नंबर- 21- नागरिक अस्पताल के कोविड-19 ब्लॉक के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती लोगों का हालचाल की जानक - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। कांग्रेसी विधायक चिंरजीव राव ने शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में बनाए गए कोविड-19 अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती लोगों को सही ढंग से नही रखा जा रहा की शिकायत मिलने का हवाला देते हुए वार्ड का औचक निरीक्षण किया गया है।
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-पीपीई किट पहनकर वार्ड के अंदर किया निरीक्षण
विधायक ने अस्पताल के स्टाफ को कहा कि मैं स्वयं देखूंगा की मामला आखिर है क्या। विधायक चिरंजीव राव ने पीपीई किट पहनी और लोगों से स्वयं जाकर बात की और उनकी समस्याएं सुनी। बतौर विधायक लोगों की जो समस्याएं थी उनको संबंधित अधिकारियों से कहकर तुरंत समाधान करवाया और लोगों से प्रशासन का सहयोग करने को कहा। विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि गांव खटावली में कोरोना पॉजिटिव का मामला पाया गया है। उनके परिवार व आसपास के लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। मुझे सोशल मीडिया से पता चला कि आइसोलेशन वार्ड में उनकी देखरेख ढंग से नही हो रह है। इसलिए पीपीई किट पहनकर स्वयं निरीक्षण किया है। जो भी समस्याएं थी उनको समाधान करवा दिया गया है।
-सबसे पहले अनुमति देने वाले सीएमओ के खिलाफ हो कार्रवाई: खोला
भाजपा जिलाध्यक्ष रह चुके एवं वर्तमान में भाजपा व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सतीश खोला ने कहा कि आइसोलेशन वार्ड में स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा किसी को भी जाने अनुमति नहीं देनी चाहिए थी। बाहरी व्यक्ति के जाने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। सीएमओ से लेकर विधायक के खिलाफ भी स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को शिकायत भेजी गई है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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प्रोटोकॉल के तहत अनुमति लेना जरूरी: नोडल अधिकारी
कोविड-19 नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश ने कहा कि आइसोलेशन वार्ड में जाने के लिए विशेष प्रोटोकॉल होता है। उसकी पालना हुई या नहीं जांच का विषय है। अंदर जाने के लिए अनुमति जरूरी होती है। कंटेनमेंट जोन में होने के चलते विधायक के जाने में बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
-अपनी परवाह किए बगैर लोगों की तकलीफ दूर करना जरूरी: विधायक
विधायक चिंरजीव राव ने कहा कि आइसोलेशन वार्ड में अव्यवस्थाओं की शिकायत मिल रही थी। सोशल मीडिया पर एक तीन साल की बच्ची को दूध तक नहीं देने की बात भी सामने आई थी। एक ही कमरे में बिना सोशल डिस्टेंस के लोगों को रखा हुआ था, यदि एक को भी पॉजिटिव हुआ तो सभी को फैल जाएगा। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते व्यवस्थाओं में सुधार कराना जिम्मेदारी है। मौके पर जाकर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करने के लिए कहा गया है। ड्युटी पर तैनात डॉक्टर ने अंदर जाने से नहीं रोका।
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