गांव बीकानेर विद्यालय में योगाभ्यास करते विद्यार्थी। स्त्रोत: विद्यालय
रेवाड़ी। बीकानेर स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को योग, प्राणायाम एवं चरित्र निर्माण विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता प्राचार्य मनोज कुमार ने की। इस दौरान योग शिक्षक धर्मवीर आर्य ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को सूक्ष्म व्यायाम, योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया।
उन्होंने कहा कि नियमित योग से शरीर स्वस्थ, मन एकाग्र और जीवन अनुशासित बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
जयप्रकाश आर्य ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि श्रेष्ठ चरित्र का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्य, अनुशासन, सत्यनिष्ठा, सेवा भाव और राष्ट्रप्रेम से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
उन्होंने विद्यार्थियों से माता-पिता, गुरुजनों और समाज के प्रति सम्मान रखते हुए आदर्श नागरिक बनने का संकल्प लेने का आग्रह किया। प्राचार्य मनोज कुमार ने कहा कि योग और नैतिक शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और श्रेष्ठ चरित्र जीवन में सफलता की कुंजी हैं।
प्राचार्य ने धर्मवीर आर्य, जयप्रकाश आर्य सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने नियमित योगाभ्यास करने, नैतिक मूल्यों को अपनाने तथा श्रेष्ठ चरित्र निर्माण का संकल्प लिया।
गांव बीकानेर विद्यालय में योगाभ्यास करते विद्यार्थी। स्त्रोत: विद्यालय