रेवाड़ी। रेवाड़ी-नारनौल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 से सफर करने वालों के लिए अब राहत की खबर है। लंबे समय से जर्जर हालत में चल रही इस सड़क की अब सूरत बदलने जा रही है। इस मार्ग के नवीनीकरण के लिए करीब 13.9 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत हो चुकी है। खास बात यह है कि इस सड़क को आधुनिक टीडब्ल्यूटी (थिन व्हाइट टॉपिंग) तकनीक से बनाया जाएगा जिससे यह और ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनेगी। कार्य को लेकर इस बार रि-टेंडरिंग की गई है।
इस सड़क का सुधार कार्य 6.20 से 13.19 किलोमीटर और 18.25 से 19.55 किलोमीटर के बीच कराया जाएगा। इसमें गांव खोरी का हिस्सा भी शामिल है जो लंबे समय से टूट-फूट की स्थिति में है। रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं।
गड्ढों, उखड़ी सतह और असमतल हिस्सों के कारण यात्रियों को झटके झेलने पड़ते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कार्य को लेकर इस बार रि-टेंडरिंग की गई है। रेवाड़ी-नारनौल मार्ग न केवल स्थानीय क्षेत्र के लिए बल्कि हरियाणा और राजस्थान के बीच एक प्रमुख संपर्क मार्ग के रूप में भी जाना जाता है।
इस मार्ग से दोनों राज्यों के बीच माल परिवहन और आम यात्रियों की आवाजाही होती है। नवीनीकरण कार्य पूरा होने के बाद इस समस्या से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
सड़क की हालत बेहद खराब
ग्रामीण रामपाल, विरेंद्र और आशीष ने बताया कि सड़क की हालत बेहद खराब है। कई जगह डामर उखड़ चुका है और जगह-जगह गड्ढे बन चुके हैं। इस पर दिन-रात भारी वाहन गुजरते हैं जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस मार्ग की मरम्मत की मांग की जा रही थी लेकिन अब जाकर इसकी सुध ली है।
लंबे समय से उपेक्षित रेवाड़ी-नारनौल मार्ग का यह सुधार कार्य क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। इससे न केवल यात्रा में सुविधा होगी बल्कि स्थानीय व्यवसायों, औद्योगिक क्षेत्रों और किसानों के लिए परिवहन भी सुचारु हो सकेगा।
टीडब्ल्यूटी तकनीक सड़क सुधार की है एक आधुनिक पद्धति
टीडब्ल्यूटी तकनीक सड़क सुधार की एक आधुनिक पद्धति है। इसमें पुरानी डामर सड़क को पूरी तरह हटाने के बजाय उसके ऊपर सीमेंट-कंक्रीट की पतली और मजबूत परत बिछाई जाती है। यह परत सामान्य डामर सड़क की तुलना में अधिक टिकाऊ होती है और भारी वाहनों के दबाव को लंबे समय तक झेल सकती है। इस तकनीक से सड़क का रखरखाव आसान हो जाता है और बार-बार पैचवर्क की जरूरत नहीं पड़ती। इसके साथ ही बारिश के मौसम में भी सड़क की मजबूती बनी रहती है और गाड़ी चलाना आरामदायक हो जाता है।
रेवाड़ी-नारनौल मार्ग पर जहां-जहां सड़क की हालत खराब है वहां सुधार कार्य कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य जल्द शुरू करवाया जाएगा।
-योगेश, एनएचएआई अधिकारी।