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मई माह के अंत तक ओपीडी कक्ष को करें पूरा : डॉ. डीएस गंगवार

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एम्स रेवाड़ी के अध्यक्ष डॉ. डीएस गंगवार भालखी माजरा में निर्माणाधीन एम्स का निरीक्षण करते हुए।
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रेवाड़ी। एम्स रेवाड़ी के अध्यक्ष डॉ. डीएस गंगवार ने बुधवार भालखी माजरा गांव में निर्माणाधीन एम्स का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ बैठक कर किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। इस मौके पर कार्यवाहक डीसी अनुपमा अंजलि, एसडीएम रेवाड़ी सुरेंद्र सिंह, डीआरओ प्रदीप देशवाल सहित लोरंस ट्रबो के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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डॉ. डीएस गंगवार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गांव माजरा भालखी में निर्माणाधीन एम्स का निर्माण तेजी से पूरा करें। बिल्डिंग निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। परिसर में बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी निर्धारित समय में पूरा करें।
उन्होंने कहा कि मई माह के अंत तक ओपीडी कक्ष को पूरा करें, ताकि यहां जल्द से जल्द ओपीडी की सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके अलावा आयुष ब्लॉक, नाइट शेल्टर, एमरजेंसी भवन, होस्टल व रेजीडेंस आदि भवनों का काम जल्द से जल्द पूरा करें।
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आयुष की ओपीडी इसी वर्ष होगी शुरू
माजरा में निर्माणाधीन देश के 22वें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द से जल्द ओपीडी आरंभ करने की योजना जिला प्रशासन बना रहा है। आयुष की ओपीडी तो इसी वर्ष शुरू कर दी जाएगी। सामान्य ओपीडी साल के अंत तक शुरू होने की संभावना है। एमबीबीएस कक्षाओं को लेकर अभी लंबा इंतजार करना होगा। अगर देखा जाए तो पूर्ण रूप से एम्स 2026 में ही अपनी सुविधाएं सुचारू रूप से सुविधा पाएगा। अभी दो बिल्डिंग का काम लगभग पूरा होने के कगार पर है। शेल्टर होम भी साथ में बनाया जाएगा, जहां पर लोगों को रोकने की सुविधा मिलेगी।

ओवरब्रिज व अंडरब्रिज बनवाने सहित सभी विकल्पों पर काम किया जा रहा

सड़क मार्ग के बीच से गुजर रही रेलवे लाईन पर ओवर ब्रिज या अंडरब्रिज बनवाने सहित सभी विकल्पों पर काम किया जा रहा है। एम्स में आईपीडी, ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं आरंभ करना सरकार की प्राथमिकता है। मैनपावर और रिसोर्सेस में बढ़ोत्तरी की गई है। बिजली-पानी, ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के अलावा सड़क मार्ग और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने एम्स परिसर में कई स्थानों पर खड़े बिजली के खंभों को हटाया गया।

एम्स के उच्च अधिकारियों ने दिसंबर में किया था निरीक्षण

दिसंबर 2024 में एम्स के उच्चाधिकारियों ने निर्माणाधीन एम्स परिसर का निरीक्षण कर सभी कार्यों की समीक्षा की थी। एम्स रेवाड़ी की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह और उप निदेशक (एम्स प्रशासन) ले. कर्नल अमित पराशर सहित उच्चाधिकारियों ने एम्स परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों की स्थलीय समीक्षा की और विस्तृत जानकारी हासिल की थी। निर्माण कार्य में लगी कंपनियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई थी।
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203 एकड़ क्षेत्र में 703 बिस्तरों वाला होगा अस्पताल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स रेवाड़ी की आधारशिला 16 फरवरी 2024 को रखी थी। कुल 203 एकड़ क्षेत्र में निर्माणाधीन इस एम्स में 703 बिस्तरों वाले अस्पताल भवन के साथ ही 100 सीटों के मेडिकल काॅलेज और 60 सीटों वाले नर्सिंग काॅलेज का भी निर्माण होना है।
माजरा गांव में बनने वाले एम्स से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, रोहतक, झज्जर, मेवात, पलवल व फरीदाबाद सहित राजस्थान के अलवर व झुंझुनू जिलों को भी इसका फायदा मिलेगा। देश के इस 22वें एम्स में प्रत्यक्ष रूप से करीब 3000 व अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10 हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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